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Sitapur News: ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत से गम और गुस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:01 AM IST
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ईरानी नेता की मौत मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि देते लोग।
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खैराबाद / सीतापुर। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की खबर ने शिया समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस घटना के बाद रविवार को शिया समुदाय के लोगों में गम और गुस्से का माहौल दिखा। पुराने सीतापुर की बंगले वाली मस्जिद पर दोपहर एक बजे व खैराबाद की नजफ दरगाह पर देर शाम मजलिस हुई। शिया समुदाय के लोगों ने कैंडल जलाकर खामनेई के पोस्टर के सामने शोक जताया। खाड़ी देशों में शिक्षा या नौकरी के लिए गए अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर परिजनों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
अयातुल्ला अली खामनेई को शिया समुदाय में अत्यंत सम्मानित स्थान प्राप्त है। उनकी मौत की खबर ने स्थानीय शिया आबादी के दिलों को झकझोर दिया। मोहल्ला बंगला जैसे इलाकों में घरों पर खामनेई के पोस्टर लगे हुए हैं। इन पोस्टरों पर उनके विचारों और इमाम हुसैन (अस) की क्रांति के सिद्धांतों का उल्लेख है।
बंगले वाली मस्जिद के इमाम-ए-जुमा मौलाना इश्तियाक ने रविवार दोपहर की नमाज के बाद एक मजलिस का आयोजन किया। इसमें अयातुल्ला अली खामनेई की मौत को शहादत बताया। उन्होंने इस घटना को अमेरिका की कायराना हरकत करार दिया। साथ ही उन इस्लामिक देशों की आलोचना की, जिन्होंने इस पर चुप्पी साधे रखी।
वहीं, खैराबाद में बाजदारी टोला स्थित मिर्जा मस्जिद से रविवार देर शाम शिया समुदाय के लोगों ने हाथों में कैंडल लेकर खामनेई के पोस्टर लहराते हुए जलूस निकाला। यह जलूस बाजदारी टोला के नजफ दरगाह पहुंचा। वहां शिया धर्म के मौलाना समद अब्बास ने मजलिस में तकरीर की। कहा, उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। इमाम का कदम सिर्फ अल्लाह के बताए हुए रास्ते पर था। फिलीस्तीन पर जुल्म होने पर आवाज उठाई। अमेरिका की गुलामी स्वीकार नहीं की। इंसानियत के रास्ते पर चले। इसी वजह से उनका कत्ल हुआ। कई ईरानी भाइयों का खून बहाया गया है। जुर्म का एक दिन अवश्य खात्मा होगा। इस मजलिस में लोग गमजदा व आक्रोशित दिखे। इसके बाद लोगों ने हाथ में कैंडल जलाकर फातिहा पढ़ा।
आईजी रेंज का दौरा और शांति की अपील
संवेदनशील हालातों को देखते हुए, आईजी रेंज किरण एस स्वयं देर शाम सीतापुर पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर और अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आलोक सिंह के साथ पुराने सीतापुर के कोट चौराहे का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने स्थानीय धर्मगुरुओं से मुलाकात की और उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। आईजी रेंज ने बताया कि कल से होली का त्योहार शुरू होगा। इसलिए पुलिसबल की तैयारियां का जायजा भी लिया है।
खाड़ी देशों में मौजूद प्रियजनों को लेकर चिंता
ईरान में मौजूदा हालातों पर सीतापुर के कई परिवारों में गहरी चिंता है। इन परिवारों के सदस्य दीनी तालीम हासिल करने या नौकरी करने के सिलसिले में खाड़ी देशों में रह रहे हैं। ऐसे में उनसे संपर्क न हो पाने के कारण परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई है। कजियारा निवासी सलमान हैदर ने बताया कि उनके छोटे भाई इरफान हैदर इराक के कर्बला में दीनी तालीम हासिल कर रहे हैं। ईरान पर कथित हमले के बाद से शनिवार शाम सवा सात बजे के बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया है। ईरान के बिगड़ते हालात को देखते हुए परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। इसी तरह कजियारा निवासी आसिम हैदर जाफरी ने बताया कि मदरसा जामिया अबू तालिब से पढ़े कई छात्र उच्च शिक्षा के लिए ईरान में हैं, जिनमें अमन और शफी जैसे नाम शामिल हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
अमेरिका और इस्राइल के क्रूर चेहरे को उजागर कर रहा यह हमला
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला अध्यक्ष और शायर मस्त हफीज रहमानी ने एक बयान जारी कर इसे कायरतापूर्ण हमला और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि रमजान में अमेरिका और इस्राइल का यह हमला उनके क्रूर चेहरे को उजागर करता है। रहमानी के अनुसार किसी देश के शक्तिशाली नेता को निशाना बनाना न केवल उस देश की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि पूरी मानवता और वैश्विक स्थिरता को खतरे में डालना है। यह हमला ज्ञान, समझदारी और एक सोच को चुप कराने की नाकाम कोशिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस्राइल और अमेरिका की यह जिद दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेल रही है और युद्ध समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि तबाही का रास्ता है।
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अयातुल्ला अली खामनेई को शिया समुदाय में अत्यंत सम्मानित स्थान प्राप्त है। उनकी मौत की खबर ने स्थानीय शिया आबादी के दिलों को झकझोर दिया। मोहल्ला बंगला जैसे इलाकों में घरों पर खामनेई के पोस्टर लगे हुए हैं। इन पोस्टरों पर उनके विचारों और इमाम हुसैन (अस) की क्रांति के सिद्धांतों का उल्लेख है।
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बंगले वाली मस्जिद के इमाम-ए-जुमा मौलाना इश्तियाक ने रविवार दोपहर की नमाज के बाद एक मजलिस का आयोजन किया। इसमें अयातुल्ला अली खामनेई की मौत को शहादत बताया। उन्होंने इस घटना को अमेरिका की कायराना हरकत करार दिया। साथ ही उन इस्लामिक देशों की आलोचना की, जिन्होंने इस पर चुप्पी साधे रखी।
वहीं, खैराबाद में बाजदारी टोला स्थित मिर्जा मस्जिद से रविवार देर शाम शिया समुदाय के लोगों ने हाथों में कैंडल लेकर खामनेई के पोस्टर लहराते हुए जलूस निकाला। यह जलूस बाजदारी टोला के नजफ दरगाह पहुंचा। वहां शिया धर्म के मौलाना समद अब्बास ने मजलिस में तकरीर की। कहा, उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। इमाम का कदम सिर्फ अल्लाह के बताए हुए रास्ते पर था। फिलीस्तीन पर जुल्म होने पर आवाज उठाई। अमेरिका की गुलामी स्वीकार नहीं की। इंसानियत के रास्ते पर चले। इसी वजह से उनका कत्ल हुआ। कई ईरानी भाइयों का खून बहाया गया है। जुर्म का एक दिन अवश्य खात्मा होगा। इस मजलिस में लोग गमजदा व आक्रोशित दिखे। इसके बाद लोगों ने हाथ में कैंडल जलाकर फातिहा पढ़ा।
आईजी रेंज का दौरा और शांति की अपील
संवेदनशील हालातों को देखते हुए, आईजी रेंज किरण एस स्वयं देर शाम सीतापुर पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर और अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आलोक सिंह के साथ पुराने सीतापुर के कोट चौराहे का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने स्थानीय धर्मगुरुओं से मुलाकात की और उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। आईजी रेंज ने बताया कि कल से होली का त्योहार शुरू होगा। इसलिए पुलिसबल की तैयारियां का जायजा भी लिया है।
खाड़ी देशों में मौजूद प्रियजनों को लेकर चिंता
ईरान में मौजूदा हालातों पर सीतापुर के कई परिवारों में गहरी चिंता है। इन परिवारों के सदस्य दीनी तालीम हासिल करने या नौकरी करने के सिलसिले में खाड़ी देशों में रह रहे हैं। ऐसे में उनसे संपर्क न हो पाने के कारण परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई है। कजियारा निवासी सलमान हैदर ने बताया कि उनके छोटे भाई इरफान हैदर इराक के कर्बला में दीनी तालीम हासिल कर रहे हैं। ईरान पर कथित हमले के बाद से शनिवार शाम सवा सात बजे के बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया है। ईरान के बिगड़ते हालात को देखते हुए परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। इसी तरह कजियारा निवासी आसिम हैदर जाफरी ने बताया कि मदरसा जामिया अबू तालिब से पढ़े कई छात्र उच्च शिक्षा के लिए ईरान में हैं, जिनमें अमन और शफी जैसे नाम शामिल हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
अमेरिका और इस्राइल के क्रूर चेहरे को उजागर कर रहा यह हमला
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला अध्यक्ष और शायर मस्त हफीज रहमानी ने एक बयान जारी कर इसे कायरतापूर्ण हमला और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि रमजान में अमेरिका और इस्राइल का यह हमला उनके क्रूर चेहरे को उजागर करता है। रहमानी के अनुसार किसी देश के शक्तिशाली नेता को निशाना बनाना न केवल उस देश की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि पूरी मानवता और वैश्विक स्थिरता को खतरे में डालना है। यह हमला ज्ञान, समझदारी और एक सोच को चुप कराने की नाकाम कोशिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस्राइल और अमेरिका की यह जिद दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेल रही है और युद्ध समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि तबाही का रास्ता है।
