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Sitapur News: एक जैसा परिवार, फिर भी 45 दिन का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:38 AM IST
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सिलिंडर के लिए लगी कतार।
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सीतापुर। रसोई गैस की किल्लत के बीच कंपनियों के नए नियमों ने ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। कंपनियों ने घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग कराने की मियाद 25 दिन को बढ़ाकर 45 दिन कर दी है।
ऐसे में सिलिंडर पाने को तेज धूप में घंटों एजेंसी पर लाइन लगाने के बाद भी जब नंबर आता है तो 45 दिन वाला नियम बताकर लौटा दिया जाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में एक जैसा परिवार है। सिलिंडर 25 से 30 दिन तक ही चलता है। बुकिंग के लिए नया नियम सही नहीं है। उपभोक्ताओं ने बुकिंग की समय सीमा घटाने की मांग की है।
जहांगीराबाद निवासी रामू नाग ने बताया कि 45 दिन बाद बुकिंग का नियम गलत है। ज्यादातर परिवारों में एक सिलिंडर 20 से 25 दिन ही चलता है। अगर दूसरा सिलिंडर डेढ़ माह बाद मिलेगा तो भोजन चूल्हे पर बनाना पड़ेगा।
जहांगीराबाद के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. वकील अहमद खान ने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में गैस बुकिंग की समय सीमा में अंतर करना समझ से परे है। मेरा परिवार बड़ा है। मेरे यहां सिलिंडर 20 से 25 दिन ही चल पाता है। डेढ़ महीने बाद दूसरा सिलिंडर मिलेगा तो बच्चों व परिवार को भोजन उपलब्ध कराने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ेगी। छठवान गांव निवासी हरिनाम वर्मा कहते हैं कि गैस बुकिंग के बाद भी समय से सिलिंडर नहीं मिल पाता है। अब 45 दिन बाद बुकिंग के नियम से मुश्किल बढ़ गई है।
गैस के विकल्प के लिए अंगीठी का सहारा फिर लेना पड़ेगा। पूंजीखेरा के संजय वर्मा ने बताया कि यह ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार है। शहर और देहात में एक तरह से ही भोजन बनता है। ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिनों बाद दूसरा सिलिंडर देने का निर्णय गलत है।
सेवता के धर्मेंद्र मिश्रा ने कहा कि एक सिलिंडर 30 दिन ही चल पाता है। कई परिवारों के लिए 45 दिन बाद बुकिंग की व्यवस्था परेशानी का कारण बन रही है। उन्हें वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ते हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है। अनुराग ने बताया कि 45 दिन बुकिंग कराने पर सिलिंडर 10 से 12 दिन आएगा। ऐसे में समस्या और बढ़ सकती है।
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ऐसे में सिलिंडर पाने को तेज धूप में घंटों एजेंसी पर लाइन लगाने के बाद भी जब नंबर आता है तो 45 दिन वाला नियम बताकर लौटा दिया जाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में एक जैसा परिवार है। सिलिंडर 25 से 30 दिन तक ही चलता है। बुकिंग के लिए नया नियम सही नहीं है। उपभोक्ताओं ने बुकिंग की समय सीमा घटाने की मांग की है।
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जहांगीराबाद निवासी रामू नाग ने बताया कि 45 दिन बाद बुकिंग का नियम गलत है। ज्यादातर परिवारों में एक सिलिंडर 20 से 25 दिन ही चलता है। अगर दूसरा सिलिंडर डेढ़ माह बाद मिलेगा तो भोजन चूल्हे पर बनाना पड़ेगा।
जहांगीराबाद के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. वकील अहमद खान ने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में गैस बुकिंग की समय सीमा में अंतर करना समझ से परे है। मेरा परिवार बड़ा है। मेरे यहां सिलिंडर 20 से 25 दिन ही चल पाता है। डेढ़ महीने बाद दूसरा सिलिंडर मिलेगा तो बच्चों व परिवार को भोजन उपलब्ध कराने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ेगी। छठवान गांव निवासी हरिनाम वर्मा कहते हैं कि गैस बुकिंग के बाद भी समय से सिलिंडर नहीं मिल पाता है। अब 45 दिन बाद बुकिंग के नियम से मुश्किल बढ़ गई है।
गैस के विकल्प के लिए अंगीठी का सहारा फिर लेना पड़ेगा। पूंजीखेरा के संजय वर्मा ने बताया कि यह ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार है। शहर और देहात में एक तरह से ही भोजन बनता है। ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिनों बाद दूसरा सिलिंडर देने का निर्णय गलत है।
सेवता के धर्मेंद्र मिश्रा ने कहा कि एक सिलिंडर 30 दिन ही चल पाता है। कई परिवारों के लिए 45 दिन बाद बुकिंग की व्यवस्था परेशानी का कारण बन रही है। उन्हें वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ते हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है। अनुराग ने बताया कि 45 दिन बुकिंग कराने पर सिलिंडर 10 से 12 दिन आएगा। ऐसे में समस्या और बढ़ सकती है।