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Sitapur News: नसबंदी के बाद भी महिला ने बच्ची को दिया जन्म
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हरगांव। नसबंदी कराने के करीब आठ महीने बाद महिला के बच्ची को जन्म देने का मामला सामने आया है। क्षेत्र के रानी फार्म निवासी दंपती ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरगांव में नसबंदी ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। दंपती ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही शासन से निर्धारित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
रानी फार्म निवासी ओमप्रकाश की पत्नी शालिनी के अनुसार, उनके पहले से चार बच्चे हैं। परिवार नियोजन के उद्देश्य से पति की सहमति के बाद उन्होंने 12 दिसंबर 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरगांव में नसबंदी कराई थी। इसके बाद उन्हें उम्मीद थी कि परिवार में अब कोई और बच्चा नहीं होगा।
शालिनी ने बताया कि नसबंदी कराने के बावजूद वह गर्भवती हो गईं। मंगलवार रात उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद दंपती ने स्वास्थ्य विभाग और नसबंदी ऑपरेशन से जुड़े चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
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दंपती का कहना है कि नसबंदी के बाद गर्भधारण और बच्ची के जन्म से उनके सामने परिवार के पालन-पोषण की अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है। उन्होंने कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
साक्ष्य उपलब्ध कराने होंगे
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरगांव के अधीक्षक डॉ. नीतेश वर्मा ने बताया कि शासन से निर्धारित क्षतिपूर्ति की धनराशि नियमानुसार पीड़िता को दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए संबंधित साक्ष्य और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे। मामले में नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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रानी फार्म निवासी ओमप्रकाश की पत्नी शालिनी के अनुसार, उनके पहले से चार बच्चे हैं। परिवार नियोजन के उद्देश्य से पति की सहमति के बाद उन्होंने 12 दिसंबर 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरगांव में नसबंदी कराई थी। इसके बाद उन्हें उम्मीद थी कि परिवार में अब कोई और बच्चा नहीं होगा।
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शालिनी ने बताया कि नसबंदी कराने के बावजूद वह गर्भवती हो गईं। मंगलवार रात उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद दंपती ने स्वास्थ्य विभाग और नसबंदी ऑपरेशन से जुड़े चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
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दंपती का कहना है कि नसबंदी के बाद गर्भधारण और बच्ची के जन्म से उनके सामने परिवार के पालन-पोषण की अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है। उन्होंने कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
साक्ष्य उपलब्ध कराने होंगे
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरगांव के अधीक्षक डॉ. नीतेश वर्मा ने बताया कि शासन से निर्धारित क्षतिपूर्ति की धनराशि नियमानुसार पीड़िता को दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए संबंधित साक्ष्य और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे। मामले में नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी।