UP: सौतेली मां की हत्या में दोषी बाल अपचारी को उम्रकैद, 50 हजार रुपये जुर्माना लगा; आठ बार घोंपा था चाकू
Sonbhadra News: 19 सितंबर 2019 को जिले में कोन थाने की पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। इसके साथ ही बाल अपचारी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अदालत ने अब अपना फैसला सुनाया है।
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UP News: बाल न्यायालय के न्यायाधीश अमित वीर सिंह ने बुधवार को सौतेली की हत्या में दोषी बाल अपचारी को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि हत्या के मामले में बाल अपचारी (फैसले के वक्त उम्र 17 वर्ष 15 दिन) को मृत्यु दंड नहीं दिया जा सकता इसलिए उसे छोड़े जाने की संभावना के साथ उम्रकैद की सजा दी जाती है। बाल अपचारी को 21 साल की उम्र तक सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा। इसके बाद उसे जिला जेल स्थानांतरित किया जाएगा। इस दौरान बाल अपचारी को सुधारात्मक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, कोन थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 19 सितंबर 2019 को कोन थाने में तहरीर दी थी। पुलिस को बताया था कि बेटी की शादी कचनरवा बाजार निवासी एक व्यक्ति से की थी। बेटी का चार साल का बेटा भी था। जिससे बेटी की शादी की थी, उसकी एक पत्नी पहले से थी। पहली पत्नी से भी एक बेटा था। पहली पत्नी के बेटे ने ही चाकू से वार कर बेटी यानी अपनी सौतेली मां की हत्या कर दी।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और मामले की विवेचना करके आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी बाल अपचारी को उम्रकैद की सजा सुनाई।
शरीर पर मिले थे चाकू से वार के आठ निशान, पेट में गहरी चोट
सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों, पोस्टमार्टम और विधि विज्ञान प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट देखा। अदालत ने पाया कि मृतका के शरीर पर आठ घाव मिले थे जो चाकू से गोदने और काटने के थे। इसमें चोट संख्या आठ पेट में कई बार चाकू घोंपने की है। अदालत ने माना कि इन चोटों से स्पष्ट है कि बाल अपचारी का उद्देश्य सौतेली मां पर ऐसा हमला था जिससे उसकी मौत हो जाए। ऐसे में हत्या का अपराध होना पुष्ट होता है।