UP: हद है...नौ माह पहले शिक्षा विभाग ने दिए 20 करोड़, स्कूलों में बिजली नहीं पहुंचा सका निगम; परेशानी
Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में बिजली निगम की लापरवाही से स्कूलों में विद्युतीकरण अधूरा है। शिक्षा विभाग द्वारा 20 करोड़ रुपये देने के बावजूद अधिकांश विद्यालयों में अब तक कनेक्शन नहीं हुआ। बिजली के अभाव में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब ठप हैं और गर्मी में बच्चों को बिना पंखा-पानी पढ़ाई करनी पड़ रही है।
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UP News: बिजली निगम की मनमानी से आम उपभोक्ता ही परेशान नहीं हैं, सरकारी विभाग भी माथा पीट रहे हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बिजली पहुंचाने के लिए निगम को नौ महीने पहले करीब 20 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर की थी, मगर अब तक अधिकांश स्कूलों में कनेक्शन नहीं हो पाया है।
विद्युतीकरण के नाम पर कुछ जगह पोल खड़े कर तार खींच दिए गए, लेकिन स्कूल में बिजली नहीं पहुंची। लगातार पत्राचार के बाद भी बिजली कनेक्शन में देरी से न स्कूलों में स्मार्ट क्लास चल पा रहे हैं और न ही आईसीटी लैब का लाभ मिल रहा। भीषण गर्मी में भी बच्चों को बिना पंखा और पानी के रहना पड़ रहा है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जुलाई 2025 में सात नए हाईस्कूल व इंटर कॉलेज के विद्युतीकरण के लिए 18.87 लाख रुपये बिजली निगम को दिए गए थे। इसमें से 11.38 लाख रुपये से रॉबर्ट्सगंज डिवीजन को राजकीय बालिका हाईस्कूल सुअरसोत, राजकीय हाईस्कूल कन्हौरा, राजकीय हाईस्कूल चिचलिक, राजकीय बालिका हाईस्कूल हिनौती और राजकीय बालिका हाईस्कूल चननी का विद्युतीकरण करना था। इसके अलावा 7.48 लाख रुपये पिपरी डिवीजन को राजकीय हाईस्कूल जुगैल और राजकीय हाईस्कूल धुर्वाह के विद्युतीकरण के लिए मिले थे।
करीब नौ माह बाद भी इन विद्यालयों में बिजली नहीं पहुंच पाई है। इसी तरह बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से रॉबर्ट्सगंज डिवीजन के 77 विद्यालयों के लिए दो करोड़ और पिपरी डिवीजन के 201 विद्यालयों के लिए 18 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर की गई थी।
पूरा सत्र बीतने के बाद भी इनमें से ज्यादातर स्कूलों में बिजली नहीं पहुंच सकी। कुछ जगहों पर निगम की ओर से तार, पोल और ट्रांसफॉर्मर जरूर लगाए गए, मगर स्कूल में बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया। नए शिक्षण सत्र के साथ स्कूलों में पढ़ाई शुरू हुई तो गर्मी में बिजली न होने से वहां व्यवस्था चरमरा गई है। भीषण गर्मी में बच्चे-शिक्षक पठन-पाठन को विवश हैं।
बिजली के अभाव में पानी नहीं, पंखा, स्मार्ट क्लास शो पीस
छात्र-छात्राओं को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित किया गया है। स्मार्ट क्लास बनाए गए हैं, मगर बिजली के अभाव में सब शोपीस बने हुए हैं। कमरों में लगे पंखा, कूलर भी नहीं चल रहे। सबमर्सिबल पंप न चलने से पेयजल की व्यवस्था प्रभावित है। ऐसे में बच्चों को दुश्वारियों के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।
कनेक्शन के लिए अलग से मांगी जा रही राशि
राजकीय हाईस्कूल चिचलिक तक बिजली पहुंचाने के लिए निगम की ओर से 2.72 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया गया था। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से यह राशि विभाग को ट्रांसफर भी कर दी गई, लेकिन अब वहां कनेक्शन के लिए 11 हजार रुपये की धनराशि की मांग की गई है। प्रधानाचार्य को प्रेषित संदेश में यह कहा गया है कि यह धनराशि देने पर ही कनेक्शन हो पाएगा।
बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में विद्युतीकरण के लिए बिजली निगम को गत वर्ष ही 20 करोड़ से अधिक की धनराशि भेजी जा चुकी है। अभी तक विद्यालयों में बिजली कनेक्शन का कार्य नहीं हो पाया है। इसके लिए लगातार निगम के अफसरों से पत्राचार किया जा रहा है। बिजली के अभाव में कार्य प्रभावित हैं। - अरविंद सिंह चौहान, जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा।
प्राप्त धनराशि के अनुसार ज्यादातर विद्यालयों में विद्युतीकरण का कार्य कराया जा चुका है। जो भी विद्यालय अवशेष बचे हैं, वहां भी शीघ्र बिजली पहुंच जाएगी। इसके लिए संबंधित एक्सईएन को निर्देशित किया गया है। - इं. ज्ञानेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।
