UP: तीन दिन पहले सील हुए अस्पताल में भर्ती मिले मरीज, हार्निया का ऑपरेशन भी हुआ; स्थिति देख भौचक रह गई टीम
सोनभद्र में तीन दिन पहले एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में सील किए गए अस्पताल में मरीज भर्ती मिले, जहां हार्निया का ऑपरेशन भी किया गया था। शिकायत पर पहुंची टीम खेत और तबेले के रास्ते अंदर पहुंची। मौके पर धौंस जमा रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी।
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सिस्टम को चुनौती देने वाले अवैध अस्पतालों के संचालक कितने मनबढ़ हैं, इसका ज्वलंत उदाहरण शुक्रवार को दुद्धी में मिला। यहां 23 जून की रात एसडीएम-सीओ की मौजूदगी में जिस अवैध अस्पताल को सील किया गया था, उसका फिर से संचालन होता मिला। अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर उपचार करने के साथ ही हार्निया जैसी बीमारी का ऑपरेशन भी किया गया था।
शिकायत पर शुक्रवार को जब टीम दोबारा जांच के लिए पहुंची तो स्थिति देख भौंचक रह गई। अस्पताल के अंदर कई मरीज मौजूद मिले। नर्स का काम करने वाली युवतियां भी थीं। उनसे पूछताछ में सील किए जाने के कुछ घंटे बाद ही ताला खोलकर दोबारा संचालन किए जाने की बात सामने आई। अस्पताल को फिर से सील कर दिया गया। डीएम ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय कस्बे के रामनगर स्थित नेशनल हेल्थ केयर हॉस्पिटल का संचालन मानकों के विपरीत किए जाने की शिकायत पर गत मंगलवार को संयुक्त टीम ने जांच की थी। डीएम के निर्देश पर पहुंचे एसडीएम निखिल यादव, कोतवाली पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. जीएस यादव, सीएचसी अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी की टीम ने जांच के बाद खामियां मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया था। इसकी नोटिस भी चस्पा कराई गई थी।
इस अस्पताल के फिर से संचालन शुरू होने की शिकायत पहुंची तो सीएचसी अधीक्षक वहां जांच करने पहुंचे। चालू अस्पताल की फोटो खींचकर उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इसी बीच वहां मौजूद एक युवक अधीक्षक पर धौंस जमाते हुए धमकाने लगा।
कुछ ही देर में नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार और कोतवाल धर्मेंद्र सिंह फोर्स के साथ वहां पहुंच गए। टीम ने जब जांच शुरू की तो वहां की स्थिति देख दंग रह गए। अंदर मरीजों का दवा-उपचार जारी था।
एक मरीज भर्ती मिला, जबकि ऑपरेशन वाले एक अन्य मरीज को पीछे के रास्ते बगल के अर्द्धनिर्मित मकान में शिफ्ट कर दिया गया। उसे ढूंढते हुए पीछे के रास्ते टीम ने अंदर प्रवेश किया तो मरीज व उनके परिजनों के साथ नर्स का काम देखने वाली युवतियां भी मौजूद थीं। टीम ने उनसे पूछताछ शुरू की तो वह पहले खुद को मरीज का तीमारदार बताती रहीं।
बाद में नर्सिंग कोर्स के साथ ही यहां उपचार सीखने आने की जानकारी दी। डॉ. शाह आलम अंसारी ने बताया कि अस्पताल को फिर से सील कर दिया गया है। मरीज को सीएचसी में भर्ती कराने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन परिजन उसे अपने साथ ले गए। अस्पताल संचालक अनूप मौर्य के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।