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Sultanpur News: नौकरी का झांसा देकर 11 युवाओं से 33 लाख ठगे
Mon, 10 Aug 2026 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:41 AM IST
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धनपतगंज (सुल्तानपुर)। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में श्रमिक पद पर सीधी भर्ती कराने का झांसा देकर 11 युवाओं से करीब 33 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। युवाओं को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने पहले रकम वसूली, फिर गोंडा में कथित मेडिकल और इंटरव्यू कराया। इसके बाद फर्जी जॉइनिंग लेटर और गेट पास थमाकर एफसीआई कार्यालय भेज दिया।
वहां जब जांच पड़ताल हुई तो दस्तावेज फर्जी निकलने पर युवाओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। शिकायत पर धनपतगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीपरगांव निवासी गिरजाशंकर के मुताबिक दिसंबर 2019 में लखनऊ जाते समय उनकी मुलाकात वृंदावन योजना, लखनऊ के जयप्रकाश यादव और दिलीप कुमार मिश्रा से हुई थी। आरोप है कि जयप्रकाश ने खुद को एफसीआई का महामंत्री बता श्रमिक पद पर सीधी भर्ती कराने की बात कही। प्रति अभ्यर्थी तीन लाख रुपये में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया गया। गिरजाशंकर सहित 11 युवाओं से आठ जनवरी 2020 को हरौरा बाजार में एक-एक लाख रुपये एडवांस लिए गए। शेष रकम भी नकद, आरटीजीएस और फोनपे के जरिए वसूली गई।
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जॉइनिंग करने गए तो दस्तावेज फर्जी मिले : अगस्त 2022 में आरोपियों ने अभ्यर्थियों को गोंडा बुलाया। वहां कथित रूप से फर्जी मेडिकल और इंटरव्यू कराया गया। स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराने के साथ युवाओं को जॉइनिंग लेटर और गेट पास दिए गए। 30 सितंबर 2022 को सभी अभ्यर्थी इन्हीं दस्तावेज के सहारे एफसीआई कार्यालय पहुंचे तो दस्तावेज फर्जी पाए गए। ठगी का खुलासा होते ही आरोपी मोबाइल बंद कर भाग निकला।
पीड़ितों का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने धमकी दी। धनपतगंज थाने के उपनिरीक्षक राकेश मौर्य ने बताया कि शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपों और लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
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वहां जब जांच पड़ताल हुई तो दस्तावेज फर्जी निकलने पर युवाओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। शिकायत पर धनपतगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पीपरगांव निवासी गिरजाशंकर के मुताबिक दिसंबर 2019 में लखनऊ जाते समय उनकी मुलाकात वृंदावन योजना, लखनऊ के जयप्रकाश यादव और दिलीप कुमार मिश्रा से हुई थी। आरोप है कि जयप्रकाश ने खुद को एफसीआई का महामंत्री बता श्रमिक पद पर सीधी भर्ती कराने की बात कही। प्रति अभ्यर्थी तीन लाख रुपये में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया गया। गिरजाशंकर सहित 11 युवाओं से आठ जनवरी 2020 को हरौरा बाजार में एक-एक लाख रुपये एडवांस लिए गए। शेष रकम भी नकद, आरटीजीएस और फोनपे के जरिए वसूली गई।
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जॉइनिंग करने गए तो दस्तावेज फर्जी मिले : अगस्त 2022 में आरोपियों ने अभ्यर्थियों को गोंडा बुलाया। वहां कथित रूप से फर्जी मेडिकल और इंटरव्यू कराया गया। स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराने के साथ युवाओं को जॉइनिंग लेटर और गेट पास दिए गए। 30 सितंबर 2022 को सभी अभ्यर्थी इन्हीं दस्तावेज के सहारे एफसीआई कार्यालय पहुंचे तो दस्तावेज फर्जी पाए गए। ठगी का खुलासा होते ही आरोपी मोबाइल बंद कर भाग निकला।
पीड़ितों का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने धमकी दी। धनपतगंज थाने के उपनिरीक्षक राकेश मौर्य ने बताया कि शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपों और लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।