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Sultanpur News: आषाढ़ विदा, बादल बेवफा... सूखने लगे धान के खेत

Mon, 27 Jul 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Mon, 27 Jul 2026 11:56 PM IST
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Ashad bids farewell, the clouds prove fickle... paddy fields begin to dry up
धान के खेत में पड़ने लगी दरार। 
सुल्तानपुर। आषाढ़ माह विदा होने की कगार पर है, लेकिन मानसून अब भी जिले में पूरी तरह मेहरबान नहीं है। बारिश की कमी से खेतों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। धान की रोपाई अंतिम चरण में है, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं। इससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
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जुलाई माह में अब तक जिले में केवल 259.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 392 मिमी बारिश हुई थी। यानी इस बार अब तक 132.6 मिमी कम वर्षा होने से खेतों में नमी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। जिन क्षेत्रों में नहर या सरकारी नलकूप से सिंचाई की व्यवस्था है, वहां धान की फसल हरी-भरी नजर आ रही है, जबकि वर्षा पर निर्भर खेत सूखने लगे हैं।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि जुलाई में सामान्य से कम बारिश होने के कारण धान की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। सोमवार सुबह बादलों की आवाजाही के बीच करीब साढ़े 10 बजे हल्की बारिश हुई, जिससे कुछ देर राहत मिली। दोपहर बाद धूप निकलने से उमस बढ़ गई। मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 34.0 और न्यूनतम 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले 24 घंटे में हल्के बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है।
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बारिश की बेरुखी से धान की फसल पर संकट
बंधुआकला। क्षेत्र के हसनपुर, जुड़ूपुर, मंझना, ऊंचगांव, दाउदपुर, इस्लामगंज, मनियारपुर सहित कई गांवों में धान की रोपाई पूरी होने के बावजूद बारिश की कमी से फसल संकट में है। खेतों में नमी खत्म होने लगी है और कई स्थानों पर दरारें पड़ गई हैं। किसान सुरेश वर्मा, नीरज कुमार, दन्नू और कल्लू ने बताया कि डीजल पंप से सिंचाई करने से लागत बढ़ रही है, जबकि छोटे किसान सिंचाई भी नहीं करा पा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय धान के लिए पर्याप्त नमी जरूरी है। संवाद
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