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Sultanpur News: परीक्षा केंद्र अब मेरिट से तय होंगे, ऑनलाइन प्रक्रिया 20 जुलाई से
Sun, 12 Jul 2026 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:02 AM IST
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सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड की वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण व्यवस्था बदल गई है। अब परीक्षा केंद्र सिफारिश पर नहीं, बल्कि तय मानकों पर तैयार मेरिट सूची से तय होंगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 20 जुलाई से शुरू होने वाली ऑनलाइन प्रक्रिया में विद्यालयों का मूल्यांकन अंक प्रणाली से करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था से कई पुराने परीक्षा केंद्र बाहर हो सकते हैं। आधुनिक सुविधाओं और बेहतर परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों की दावेदारी मजबूत होगी।
जिले में 28 राजकीय, 58 सहायता प्राप्त और 377 स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालय हैं। पिछले वर्ष 122 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इस बार राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालयों की अलग-अलग मेरिट सूची बनेगी। विद्यालयों को श्रेणी, शैक्षणिक स्तर, आधारभूत सुविधाओं, बैठने की क्षमता, पिछले वर्षों के परीक्षा परिणाम और डिजिटल संसाधनों के आधार पर अंक मिलेंगे। सर्वाधिक अंक पाने वाले विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनने का अवसर मिलेगा।
मेरिट के ये हैं प्रमुख मानक
एडीआईओएस जटाशंकर ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन उपस्थिति और पिछले वर्ष परीक्षा केंद्र रहे विद्यालयों को अतिरिक्त अंक मिलेंगे। जिन विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम 90 फीसदी या अधिक रहा है, या जिन्होंने जिला/प्रदेश स्तर के टॉपर दिए हैं, उन्हें बोनस अंक मिलेंगे। जिन विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं और डिजिटल संसाधन नहीं हैं, उनके लिए परीक्षा केंद्र बनना कठिन होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि सभी विद्यालयों को निर्धारित समय में परिषद की वेबसाइट पर अपना विवरण ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इंटर कॉलेज को 20 और हाईस्कूल को 10 अंक मिलेंगे।
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राजकीय विद्यालय को 50, सहायता प्राप्त को 40 और स्ववित्तपोषित को 20 अंक मिलेंगे। 500, 750 और 1000 से अधिक परीक्षार्थी क्षमता पर क्रमशः 10, 20 और 30 अंक मिलेंगे। सीसीटीवी और स्मार्ट क्लास के लिए 10-10 अंक दिए जाएंगे। वर्ष 2026 में परीक्षा केंद्र रहे विद्यालय को 20 अतिरिक्त अंक मिलेंगे।
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जिले में 28 राजकीय, 58 सहायता प्राप्त और 377 स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालय हैं। पिछले वर्ष 122 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इस बार राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालयों की अलग-अलग मेरिट सूची बनेगी। विद्यालयों को श्रेणी, शैक्षणिक स्तर, आधारभूत सुविधाओं, बैठने की क्षमता, पिछले वर्षों के परीक्षा परिणाम और डिजिटल संसाधनों के आधार पर अंक मिलेंगे। सर्वाधिक अंक पाने वाले विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनने का अवसर मिलेगा।
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मेरिट के ये हैं प्रमुख मानक
एडीआईओएस जटाशंकर ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन उपस्थिति और पिछले वर्ष परीक्षा केंद्र रहे विद्यालयों को अतिरिक्त अंक मिलेंगे। जिन विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम 90 फीसदी या अधिक रहा है, या जिन्होंने जिला/प्रदेश स्तर के टॉपर दिए हैं, उन्हें बोनस अंक मिलेंगे। जिन विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं और डिजिटल संसाधन नहीं हैं, उनके लिए परीक्षा केंद्र बनना कठिन होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि सभी विद्यालयों को निर्धारित समय में परिषद की वेबसाइट पर अपना विवरण ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इंटर कॉलेज को 20 और हाईस्कूल को 10 अंक मिलेंगे।
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राजकीय विद्यालय को 50, सहायता प्राप्त को 40 और स्ववित्तपोषित को 20 अंक मिलेंगे। 500, 750 और 1000 से अधिक परीक्षार्थी क्षमता पर क्रमशः 10, 20 और 30 अंक मिलेंगे। सीसीटीवी और स्मार्ट क्लास के लिए 10-10 अंक दिए जाएंगे। वर्ष 2026 में परीक्षा केंद्र रहे विद्यालय को 20 अतिरिक्त अंक मिलेंगे।