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Sultanpur News: संकरी सीढ़ियां, जोखिम में जान

संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Wed, 24 Jun 2026 12:40 AM IST
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Narrow stairs, life at risk
शहर के सिविल लाइन ​स्थित एक कोचिंग में जांच करते डीएम इंद्रजीत सिंह। -स्रोत-सूचना विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी

सुल्तानपुर। लखनऊ में हुए हादसे के बाद प्रशासन ने कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार से तीन दिवसीय विशेष जांच अभियान शुरू किया गया।
पहले दिन डीएम इंद्रजीत सिंह और एसपी चारू निगम ने टीम के साथ पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम रोड स्थित एक कोचिंग संस्थान का निरीक्षण किया, जहां सुरक्षा इंतजामों की हकीकत सामने आई। डीएम इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सेंटर में फायर सेफ्टी सिस्टम कमजोर, आपात निकासी की व्यवस्था नदारद और जरूरी सुरक्षा संसाधनों की कमी मिली। कोचिंग संचालन के कागजात सही मिले। संचालक को चेतावनी दी गई है कि बिना अग्नि सुरक्षा उपकरणों व सुरक्षा मानकों को पूरा किए संस्थान न चलाएं।
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आठ कोचिंग सेंटर की हुई जांच, दिया दिया नोटिस : जिला अग्निशमन अधिकारी केतन कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को शहर के आठ कोचिंग सेंटरों की जांच की गई। अभी नोटिस नहीं दिया गया है। बिना एनओसी के चल रही कोचिंगों को बंद कराने का निर्देश है। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता, जिला विद्यालय निरीक्षक व अग्निशमन की संयुक्त टीम की ओर से कोचिंग सेंटरों की जांच की जा रही है।
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जिले की कोचिंग सेंटरों में पढ़ने पहुंच रहे हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आ रही है। मंगलवार को कोचिंग संस्थानों की पड़ताल की गई तो कई जगहों पर डराने वाली तस्वीरें सामने आईं। कहीं फायर एक्सटिंग्विशर नहीं थे तो कहीं बिजली के खुले तार दिखे। कई कोचिंग सेंटर ऐसे भवनों में चल रहे हैं, जहां आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक संकरा रास्ता है। हजारों छात्र रोज जिन सीढ़ियों से होकर कक्षाओं तक पहुंचते हैं। 
एक ही गेट... भवन तीन मंजिल... नीचे निकलने का रास्ता भी वही :
पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम रोड पर एक घर में संचालित कोचिंग सेंटर की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक मिली। तीन मंजिला इमारत में कोचिंग दूसरे और तीसरे तल पर चल रही है। छात्रों के आने-जाने के लिए सिर्फ एक मुख्य गेट और एक ही सीढ़ी है। भवन में दूसरा निकास मार्ग नहीं मिला। यहां एसआई की तैयारी कर रहे छात्र अभिमन्यु विश्वकर्मा ने बताया कि रोज करीब 500 से 600 विद्यार्थी यहां पढ़ने आते हैं। किसी आपात स्थिति में इतने छात्रों का एक साथ बाहर निकलना बड़ी चुनौती बन सकता है।
बस स्टेशन क्षेत्र स्थित एक स्टडी प्वाइंट में भी छात्रों के लिए सिर्फ एक तंग प्रवेश द्वार मिला। बड़ी संख्या में विद्यार्थी अगर अचानक बाहर निकलने की कोशिश करें तो भगदड़ जैसे हालात बन सकते हैं।
बस स्टेशन स्थित एक कंप्यूटर इंस्टीट्यूट में रोज करीब 200 छात्र पहुंचते हैं, लेकिन यहां भी फायर सेफ्टी व्यवस्था कमजोर मिली। भवन तक पहुंचने वाली गली संकरी है और बाहर निकलने के विकल्प सीमित हैं।
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कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा जांच के लिए मंगलवार से तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया गया। पहले दिन डीएम इंद्रजीत सिंह और एसपी चारू निगम ने जिला विद्यालय निरीक्षक और अग्निशमन विभाग की टीम के साथ कई संस्थानों का निरीक्षण किया। सिविल लाइन और बस स्टेशन क्षेत्र के निरीक्षण में कई कोचिंग सेंटरों में फायर एनओसी और मानकों के अनुसार अग्निशमन उपकरण नहीं मिले। शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर करीब 196 पंजीकृत कोचिंग सेंटर संचालित हैं। डीएम ने बताया कि जांच में कमियां मिलने वाले संस्थानों को नोटिस जारी किया जाएगा। तय समय में सुधार नहीं करने पर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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जांच शुरू होते ही एक कोचिंग ने घोषित कर दी तीन दिन की छुट्टी : बस स्टेशन स्थित एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान ने मंगलवार को तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया। इसी परिसर में संचालित लाइब्रेरी और दो कोचिंग सेंटरों की फायर और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की। जांच में तीनों संस्थानों के पास फायर एनओसी उपलब्ध नहीं मिली।
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