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Sultanpur News: निपुण भारत मिशन के लिए शिक्षकों को मिलेगा नया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:20 AM IST
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सुल्तानपुर। निपुण भारत मिशन को गति देने के लिए नए शैक्षिक सत्र 2026-27 की शुरुआत होगी। गर्मी की छुट्टियों के बाद परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए राज्यस्तरीय ऑनलाइन गोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों की भाषा और गणितीय दक्षता बढ़ाना है।
इस गोष्ठी में आगामी सत्र की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श होगा। जिले में कुल 2064 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जिनमें करीब दो लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए दो हजार से अधिक शिक्षक नियुक्त हैं। समग्र शिक्षा की जिला समन्वयक प्रशिक्षण अपेक्षा त्रिपाठी ने बताया कि इन शिक्षकों के लिए ऑनलाइन गोष्ठी होगी। इसमें शिक्षामित्र, अनुदेशक, एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर भी शामिल होंगे।
उन्हें निपुण भारत मिशन की रणनीति, लक्ष्यों और नई गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बुनियादी भाषा और गणित की समझ मजबूत करना है।
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बच्चों की सीखने की क्षमता पर जोर
खासतौर पर बालवाटिका से कक्षा दो तक के विद्यार्थियों में पढ़ने, समझने और गणितीय समझ विकसित करने पर जोर रहेगा। वहीं कक्षा तीन से आठ तक के विद्यार्थियों के सीखने का स्तर सुधारने की योजनाएं साझा होंगी। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित होगा। शिक्षकों को मिशन की नई गतिविधियों से जोड़कर नए सत्र के लिए तैयार किया जाएगा। ऑनलाइन गोष्ठी से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने की रणनीति बनेगी।
इस गोष्ठी में आगामी सत्र की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श होगा। जिले में कुल 2064 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जिनमें करीब दो लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए दो हजार से अधिक शिक्षक नियुक्त हैं। समग्र शिक्षा की जिला समन्वयक प्रशिक्षण अपेक्षा त्रिपाठी ने बताया कि इन शिक्षकों के लिए ऑनलाइन गोष्ठी होगी। इसमें शिक्षामित्र, अनुदेशक, एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर भी शामिल होंगे।
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उन्हें निपुण भारत मिशन की रणनीति, लक्ष्यों और नई गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बुनियादी भाषा और गणित की समझ मजबूत करना है।
बच्चों की सीखने की क्षमता पर जोर
खासतौर पर बालवाटिका से कक्षा दो तक के विद्यार्थियों में पढ़ने, समझने और गणितीय समझ विकसित करने पर जोर रहेगा। वहीं कक्षा तीन से आठ तक के विद्यार्थियों के सीखने का स्तर सुधारने की योजनाएं साझा होंगी। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित होगा। शिक्षकों को मिशन की नई गतिविधियों से जोड़कर नए सत्र के लिए तैयार किया जाएगा। ऑनलाइन गोष्ठी से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने की रणनीति बनेगी।