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Sultanpur News: रंग-गुलाल और पिचकारी की बिक्री हुई तेज
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:38 AM IST
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शहर के चौक में सजी चिप्स-पापड़ की दुकान। संवाद
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सुल्तानपुर। होली का त्योहार नजदीक आते ही शहर के बाजार गुलजार हो गए हैं। मुख्य बाजारों में सुबह से देर शाम तक खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। रंग-गुलाल, पिचकारी, चिप्स-पापड़ और गुझिया में इस्तेमाल होने वाले मेवा की दुकानों पर रौनक बढ़ गई है।
शहर के मुरारीदास गली के दुकानदार मोनू ने बताया कि इस बार हर्बल अबीर-गुलाल 40 से 120 रुपये प्रति पैकेट तक बिक रहा है, जबकि बच्चों की पिचकारी 30 से लेकर 750 रुपये तक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में बिक्री बेहतर है। चौक के दुकानदार गोपाल चौरसिया ने बताया कि काजू 900 से 1000 रुपये किलो, बादाम 800 से 900 रुपये और किशमिश 520 से 600 रुपये किलो बिक रही है। सबसे महंगा चिरौंजी 2200 और मगज 1200 रुपये किलो है। गुझिया बनाने के लिए मेवा की मांग सबसे ज्यादा है।
चौक में किराना की दुकान करने वाले मुकेश ने बताया कि ब्रांडेड चिप्स 10 से 50 रुपये पैकेट और पापड़ 400 से 480 रुपये किलो बिक रहे हैं। मांग बढ़ने से रोजाना की बिक्री में इजाफा हुआ है। अर्पित वर्मा ने बताया कि गुझिया के लिए सूजी 40 से 45 रुपये किलो और मैदा 35 से 40 रुपये किलो मिल रहा है। इससे खरीदारों में भी उत्साह दिख रहा है।
ग्राहक सीमा सिंह ने बताया कि बच्चों के लिए रंग और पिचकारी खरीदी है, कीमतें थोड़ी बढ़ी हैं लेकिन त्योहार मनाना जरूरी है। अमित वर्मा ने कहा कि मेवा महंगा है, फिर भी घर की गुझिया का स्वाद अलग होता है। अनुपमा श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार प्राकृतिक गुलाल को प्राथमिकता दे रही हैं। ग्राहक अनूप तिवारी ने कहा कि बाजार में विकल्प ज्यादा हैं, जिससे बजट के अनुसार खरीदारी आसान हो गई है।
मिठाइयों की बढ़ी मांग, 800 रुपये किलो मिल रही गुझिया
सुल्तानपुर। रंगों के पर्व होली का त्योहार चार मार्च को मनाया जाएगा। त्योहार के चलते मिठाइयों की खरीदारी तेज हो गई है। ब्रांडेड कंपनियों की सोहन पपड़ी की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है, जो 165 रुपये प्रति किलो की दर से बाजार में उपलब्ध है। सवा किलो का बंद टिन पैक रसगुल्ला 265 रुपये बिक रहा है। जीएन सड़क के दुकानदार आत्मजीत सिंह ने बताया कि गुझिया की मांग आपूर्ति से कहीं ज्यादा है। रिफाइंड ऑयल में बनी गुझिया 350 से 425 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि देशी घी की गुझिया के दाम 700 से 800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। ग्राहकों की पसंद के अनुसार अलग-अलग रेट पर गुझिया उपलब्ध कराई जा रही है। संवाद
होली के चिप्स और पापड़-रेट
आलू पापड़-480
मूंग पापड़-400
साबूदाना पापड़-280
चावल पापड़-240
आलू चिप्स-200
केला चिप्स-240
साबूदाना चिप्स-240
नोट-सभी सामग्रियों का रेट रुपये प्रति किलो में
मेवा-रेट
गरी-400
काजू-900
बादाम-900
किशमिश-520
चिरौंजी-2200
मगज-1200
नोट-सभी सामग्रियों के रेट रुपये प्रति किलो में
पिचकारी-रेट
पंप पिचकारी-80-220
प्रेशर पिचकारी-150-400
खिलौना पिचकारी-30-100
प्रेशर पिचकारी-750-1000
टोपी-10-100
मुखौटा-30-50
नोट-पिचकारी, टोपी व मुखौटा का रेट रुपये प्रति पीस।
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शहर के मुरारीदास गली के दुकानदार मोनू ने बताया कि इस बार हर्बल अबीर-गुलाल 40 से 120 रुपये प्रति पैकेट तक बिक रहा है, जबकि बच्चों की पिचकारी 30 से लेकर 750 रुपये तक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में बिक्री बेहतर है। चौक के दुकानदार गोपाल चौरसिया ने बताया कि काजू 900 से 1000 रुपये किलो, बादाम 800 से 900 रुपये और किशमिश 520 से 600 रुपये किलो बिक रही है। सबसे महंगा चिरौंजी 2200 और मगज 1200 रुपये किलो है। गुझिया बनाने के लिए मेवा की मांग सबसे ज्यादा है।
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चौक में किराना की दुकान करने वाले मुकेश ने बताया कि ब्रांडेड चिप्स 10 से 50 रुपये पैकेट और पापड़ 400 से 480 रुपये किलो बिक रहे हैं। मांग बढ़ने से रोजाना की बिक्री में इजाफा हुआ है। अर्पित वर्मा ने बताया कि गुझिया के लिए सूजी 40 से 45 रुपये किलो और मैदा 35 से 40 रुपये किलो मिल रहा है। इससे खरीदारों में भी उत्साह दिख रहा है।
ग्राहक सीमा सिंह ने बताया कि बच्चों के लिए रंग और पिचकारी खरीदी है, कीमतें थोड़ी बढ़ी हैं लेकिन त्योहार मनाना जरूरी है। अमित वर्मा ने कहा कि मेवा महंगा है, फिर भी घर की गुझिया का स्वाद अलग होता है। अनुपमा श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार प्राकृतिक गुलाल को प्राथमिकता दे रही हैं। ग्राहक अनूप तिवारी ने कहा कि बाजार में विकल्प ज्यादा हैं, जिससे बजट के अनुसार खरीदारी आसान हो गई है।
मिठाइयों की बढ़ी मांग, 800 रुपये किलो मिल रही गुझिया
सुल्तानपुर। रंगों के पर्व होली का त्योहार चार मार्च को मनाया जाएगा। त्योहार के चलते मिठाइयों की खरीदारी तेज हो गई है। ब्रांडेड कंपनियों की सोहन पपड़ी की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है, जो 165 रुपये प्रति किलो की दर से बाजार में उपलब्ध है। सवा किलो का बंद टिन पैक रसगुल्ला 265 रुपये बिक रहा है। जीएन सड़क के दुकानदार आत्मजीत सिंह ने बताया कि गुझिया की मांग आपूर्ति से कहीं ज्यादा है। रिफाइंड ऑयल में बनी गुझिया 350 से 425 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि देशी घी की गुझिया के दाम 700 से 800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। ग्राहकों की पसंद के अनुसार अलग-अलग रेट पर गुझिया उपलब्ध कराई जा रही है। संवाद
होली के चिप्स और पापड़-रेट
आलू पापड़-480
मूंग पापड़-400
साबूदाना पापड़-280
चावल पापड़-240
आलू चिप्स-200
केला चिप्स-240
साबूदाना चिप्स-240
नोट-सभी सामग्रियों का रेट रुपये प्रति किलो में
मेवा-रेट
गरी-400
काजू-900
बादाम-900
किशमिश-520
चिरौंजी-2200
मगज-1200
नोट-सभी सामग्रियों के रेट रुपये प्रति किलो में
पिचकारी-रेट
पंप पिचकारी-80-220
प्रेशर पिचकारी-150-400
खिलौना पिचकारी-30-100
प्रेशर पिचकारी-750-1000
टोपी-10-100
मुखौटा-30-50
नोट-पिचकारी, टोपी व मुखौटा का रेट रुपये प्रति पीस।
