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Sultanpur News: दो किमी के सफर में लगा दो घंटे का समय
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 07 Feb 2026 11:48 PM IST
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सुल्तानपुर। सहालग के सीजन में शहर की सड़कों पर अतिक्रमण, सड़क किनारे खड़े वाहन, ई रिक्शों की अव्यवस्थित आवाजाही और रात में बरातियों का धूम धड़ाके से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शुक्रवार शाम सब्जी मंडी से लेकर अमहट तक चार एंबुलेंस फंसी रहीं। स्थानीय लोगों के सहयोग से उन्हें निकाला गया। दो किमी की दूरी तय करने में एक घंटे लग गए।
शहर और आसपास करीब 45 मैरिज लॉन संचालित हैं। यहां आने वाले वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। बरात निकलने के दौरान डीजे और आतिशबाजी के बीच सड़क पर बरात रुक-रुक कर चलती है, जिससे लंबा जाम लग जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी मेडिकल कॉलेज से अमहट तक के मार्ग पर हो रही है। यही रास्ता लखनऊ रेफर किए जाने वाले मरीजों के लिए मुख्य मार्ग है। गभड़िया ओवरब्रिज पर बरात जब गुजरती है तो दोनों ओर से वाहन रुक जाते हैं। दो से तीन घंटे का जाम लग जाता है। धम्मौर जा रहे शिवकुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब नौ बजे गभड़िया ओवरब्रिज पर वह जाम में फंसे थे, दो किमी की दूरी तय करने में एक घंटे लग गए। बाल मुकुंद ने बताया कि शाम को प्रमुख चौराहों और मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी बहुत कम रहती है। जाम लगने के बाद व्यवस्था संभालने में देर होती है।
मरीजों के लिए जाम बन रहा खतरा
मेडिकल कॉलेज से गंभीर मरीजों को लखनऊ रेफर किया जाता है, लेकिन जाम में फंसने से समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई बार एंबुलेंस को रास्ता दिलाने के लिए लोगों को खुद उतरकर वाहन हटवाने पड़ते हैं।
समस्या कम करने के लिए जरूरी कदम
मैरिज लॉन के बाहर अनिवार्य पार्किंग व्यवस्था हो
बरात के लिए निर्धारित मार्ग तय किए जाएं
प्रमुख मार्गों और ओवरब्रिज पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़े
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर नियमित अभियान चलाया जाए
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शहर और आसपास करीब 45 मैरिज लॉन संचालित हैं। यहां आने वाले वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। बरात निकलने के दौरान डीजे और आतिशबाजी के बीच सड़क पर बरात रुक-रुक कर चलती है, जिससे लंबा जाम लग जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी मेडिकल कॉलेज से अमहट तक के मार्ग पर हो रही है। यही रास्ता लखनऊ रेफर किए जाने वाले मरीजों के लिए मुख्य मार्ग है। गभड़िया ओवरब्रिज पर बरात जब गुजरती है तो दोनों ओर से वाहन रुक जाते हैं। दो से तीन घंटे का जाम लग जाता है। धम्मौर जा रहे शिवकुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब नौ बजे गभड़िया ओवरब्रिज पर वह जाम में फंसे थे, दो किमी की दूरी तय करने में एक घंटे लग गए। बाल मुकुंद ने बताया कि शाम को प्रमुख चौराहों और मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी बहुत कम रहती है। जाम लगने के बाद व्यवस्था संभालने में देर होती है।
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मरीजों के लिए जाम बन रहा खतरा
मेडिकल कॉलेज से गंभीर मरीजों को लखनऊ रेफर किया जाता है, लेकिन जाम में फंसने से समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई बार एंबुलेंस को रास्ता दिलाने के लिए लोगों को खुद उतरकर वाहन हटवाने पड़ते हैं।
समस्या कम करने के लिए जरूरी कदम
मैरिज लॉन के बाहर अनिवार्य पार्किंग व्यवस्था हो
बरात के लिए निर्धारित मार्ग तय किए जाएं
प्रमुख मार्गों और ओवरब्रिज पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़े
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर नियमित अभियान चलाया जाए