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Unnao News: शुद्ध पानी के लिए जद्दोजहद कर रही 18 लाख की आबादी
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 18 May 2026 01:03 AM IST
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उन्नाव। ग्रामीण क्षेत्र की करीब 18 लाख की आबादी शुद्ध पानी के लिए कड़ी जद्दोजहद कर रही है। जिस योजना से ग्रामीणों को शुद्ध पानी देना था, उसका काम 361 करोड़ का भुगतान न होने से कार्यदायी संस्था ने छह माह से बंद कर रखा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का संकट बढ़ गया है। कोई हैंडपंप पर लाइन लगा रहा है तो कोई साइकिल से पानी ढोकर ला रहा है। योजना के बंद होने से गांव के लोगों की पानी की समस्या दूर होने की फिलहाल उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
जल जीवन मिशन (फेज-4) के तहत चलाई जा रही ग्राम समूह पेयजल योजना का काम डेढ़ साल पहले शुरू हुआ था। योजना से 26 जनवरी 2026 तक 1037 ग्राम पंचायतों की करीब 18 लाख की आबादी को नल से जल उपलब्ध कराना था। जिले में कार्यदायी फर्म मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर काम कर रही है। फर्म को अक्टूबर 2024 से भुगतान नहीं हुआ है। फर्म ने 40 फीसदी काम पूरा होने का दावा करते हुए भुगतान के लिए करीब 321 करोड़ के बिल जल निगम के माध्यम से पोर्टल पर अपलोड कराए। उधर, केंद्र सरकार ने भुगतान नहीं किया। इससे फर्म ने अक्टूबर 2025 से काम करना बंद कर दिया। ऐसे में 60 फीसदी काम शेष बचा है। ग्रामीणों का शुद्ध पानी के लिए इंतजार बढ़ गया है।
इंसेट-1
बंद हो चुकी हैं 41 पुरानी परियोजनाएं, दूर से ला रहे पानी
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 1995 में जिले की 72 ग्राम पंचायतों में पेयजल ट्यूबवेल और टंकियां स्थापित कराई गई थीं। जल निगम ने आसपास गांवों तक भूमिगत पाइप लाइनें बिछाकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की थी। वर्तमान में 41 टंकियां बंद चल रही हैं। जलनिगम के तकनीकी अधिकारियों के अनुसार, एक पेयजल योजना की मियाद 15 से 20 साल होती है। ग्रामीण पेयजल योजनाएं समय सीमा पूरी कर चुकी हैं। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कुछ की मोटर खराब हुई तो किसी की बोरिंग चोक हो गई। मरम्मत के अभाव में यह पेयजल योजनाएं जलापूर्ति नहीं कर पा रही हैं।
योजना एक नजर में
कुल लागत-5.4 अरब, भुगतान लंबित-3.21 अरब
ग्राम पंचायत-1037, कुल आबादी-18 लाख, कुल घर-6.11 लाख
पाइप लाइन प्रस्तावित-12823 किमी, अब तक 6787 किमी का काम पूरा हुआ
कुल ओवरहेड टैंक व टंकियां-443-निर्माण कार्य शुरू हो पाया-394, पूरा एक भी नहीं
कोट
कार्यदायी संस्था का भुगतान अक्टूबर 2024 से लंबित है। यह पूरे प्रदेश की स्थिति है। इसी कारण संस्था ने काम बंद कर दिया है। विभाग की ओर से भुगतान के लिए कई बार पत्राचार किया गया है। रिमाइंडर पत्र भी भेजे जा चुके हैं। फिलहाल भुगतान नहीं मिला है लेकिन समयावधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2027 कर दी गई है।
अजीत कुमार सिंह, एक्सईएन जलनिगम ग्रामीण।
जल जीवन मिशन (फेज-4) के तहत चलाई जा रही ग्राम समूह पेयजल योजना का काम डेढ़ साल पहले शुरू हुआ था। योजना से 26 जनवरी 2026 तक 1037 ग्राम पंचायतों की करीब 18 लाख की आबादी को नल से जल उपलब्ध कराना था। जिले में कार्यदायी फर्म मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर काम कर रही है। फर्म को अक्टूबर 2024 से भुगतान नहीं हुआ है। फर्म ने 40 फीसदी काम पूरा होने का दावा करते हुए भुगतान के लिए करीब 321 करोड़ के बिल जल निगम के माध्यम से पोर्टल पर अपलोड कराए। उधर, केंद्र सरकार ने भुगतान नहीं किया। इससे फर्म ने अक्टूबर 2025 से काम करना बंद कर दिया। ऐसे में 60 फीसदी काम शेष बचा है। ग्रामीणों का शुद्ध पानी के लिए इंतजार बढ़ गया है।
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इंसेट-1
बंद हो चुकी हैं 41 पुरानी परियोजनाएं, दूर से ला रहे पानी
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 1995 में जिले की 72 ग्राम पंचायतों में पेयजल ट्यूबवेल और टंकियां स्थापित कराई गई थीं। जल निगम ने आसपास गांवों तक भूमिगत पाइप लाइनें बिछाकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की थी। वर्तमान में 41 टंकियां बंद चल रही हैं। जलनिगम के तकनीकी अधिकारियों के अनुसार, एक पेयजल योजना की मियाद 15 से 20 साल होती है। ग्रामीण पेयजल योजनाएं समय सीमा पूरी कर चुकी हैं। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कुछ की मोटर खराब हुई तो किसी की बोरिंग चोक हो गई। मरम्मत के अभाव में यह पेयजल योजनाएं जलापूर्ति नहीं कर पा रही हैं।
योजना एक नजर में
कुल लागत-5.4 अरब, भुगतान लंबित-3.21 अरब
ग्राम पंचायत-1037, कुल आबादी-18 लाख, कुल घर-6.11 लाख
पाइप लाइन प्रस्तावित-12823 किमी, अब तक 6787 किमी का काम पूरा हुआ
कुल ओवरहेड टैंक व टंकियां-443-निर्माण कार्य शुरू हो पाया-394, पूरा एक भी नहीं
कोट
कार्यदायी संस्था का भुगतान अक्टूबर 2024 से लंबित है। यह पूरे प्रदेश की स्थिति है। इसी कारण संस्था ने काम बंद कर दिया है। विभाग की ओर से भुगतान के लिए कई बार पत्राचार किया गया है। रिमाइंडर पत्र भी भेजे जा चुके हैं। फिलहाल भुगतान नहीं मिला है लेकिन समयावधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2027 कर दी गई है।
अजीत कुमार सिंह, एक्सईएन जलनिगम ग्रामीण।