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Unnao News: ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत पर शिया समुदाय का प्रदर्शन
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फोटो- 12-सफीपुर की सय्यदवाड़ा मस्जिद में मजलिस को संबोधित करते मौलाना इफ्तिखार हुसैन। संवाद
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उन्नाव/सफीपुर। अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की शनिवार को माैत की पुष्टि के बाद शिया समुदाय में मातम छा गया है। शहर के मोहल्ला चौधराना मस्जिद के पेश इमाम रजा अब्बास की अध्यक्षता में रविवार को शोकसभा की गई। इस मौके पर किला मस्जिद के पेश इमाम आबिद अब्बास आब्दी सहित दो सैकड़ा लोग मौजूद रहे।
मौलाना अब्बास ने मजलिस में कहा कि विश्व ने एक धर्म की राह पर चलने वाले नेता को खो दिया। कहा कि धर्म की राह पर आगे बढ़ रहे लोगों को धोखे से मारा तो जा सकता है पर उन्हें झुकाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह शहादतें बेकार नहीं जाएंगी इसका खामियाजा अमेरिका-इस्राइल सहित उन सभी मुल्कों को भुगतना पड़ेगा जो इस बेबुनियाद जंग का हिस्सा रहे हैं। शोकसभा के बाद मौलाना रजा अब्बास सहित सैकड़ों लोग मस्जिद के बाहर प्रांगण में जमा हुए और अमेरिका व इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी की।
पूर्व अध्यक्ष आलिम हुसैन जैदी के इमामबाड़े में महिलाओं ने भी इकट्ठा होकर शोकसभा कर फातेहा पढ़ा। वहीं सफीपुर के मोहल्ला सैयदवाड़ा, हाताबाजार, मीरबाजार निवासी शिया समुदाय के लोग सुबह से ही सड़कों पर उतर आए। कस्बे की मोहल्ला सैयदवाड़ा स्थित मस्जिद में दोपहर नमाज के बाद पेश इमाम इफ्तिखार हुसैन ने शोकसभा की। उन्होंने कहा कि करबला में यजीद के बाद इस तरह की शहादतों को अंजाम देने वाले अमेरिका व इस्राइल ने क्रूरता की हदें पार कर दी। अमेरिकी व इस्राइली शासक ईरान को लगातार धमकियां देकर अपनी शर्तों पर चलाना चाहते थे जो ईरानी राष्ट्रपति था जो ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्लाह अली खामेनेई को मंजूर नहीं था। मौलाना ने सभी से शांतिपूर्वक गम मनाने की अपील की।
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मौलाना अब्बास ने मजलिस में कहा कि विश्व ने एक धर्म की राह पर चलने वाले नेता को खो दिया। कहा कि धर्म की राह पर आगे बढ़ रहे लोगों को धोखे से मारा तो जा सकता है पर उन्हें झुकाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह शहादतें बेकार नहीं जाएंगी इसका खामियाजा अमेरिका-इस्राइल सहित उन सभी मुल्कों को भुगतना पड़ेगा जो इस बेबुनियाद जंग का हिस्सा रहे हैं। शोकसभा के बाद मौलाना रजा अब्बास सहित सैकड़ों लोग मस्जिद के बाहर प्रांगण में जमा हुए और अमेरिका व इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी की।
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पूर्व अध्यक्ष आलिम हुसैन जैदी के इमामबाड़े में महिलाओं ने भी इकट्ठा होकर शोकसभा कर फातेहा पढ़ा। वहीं सफीपुर के मोहल्ला सैयदवाड़ा, हाताबाजार, मीरबाजार निवासी शिया समुदाय के लोग सुबह से ही सड़कों पर उतर आए। कस्बे की मोहल्ला सैयदवाड़ा स्थित मस्जिद में दोपहर नमाज के बाद पेश इमाम इफ्तिखार हुसैन ने शोकसभा की। उन्होंने कहा कि करबला में यजीद के बाद इस तरह की शहादतों को अंजाम देने वाले अमेरिका व इस्राइल ने क्रूरता की हदें पार कर दी। अमेरिकी व इस्राइली शासक ईरान को लगातार धमकियां देकर अपनी शर्तों पर चलाना चाहते थे जो ईरानी राष्ट्रपति था जो ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्लाह अली खामेनेई को मंजूर नहीं था। मौलाना ने सभी से शांतिपूर्वक गम मनाने की अपील की।

फोटो- 12-सफीपुर की सय्यदवाड़ा मस्जिद में मजलिस को संबोधित करते मौलाना इफ्तिखार हुसैन। संवाद
