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Unnao News: उद्योग और रोजगार की नई राह खोलेंगे जनपद में बनने वाले औद्योगिक गलियारे
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फोटो-15-प्रस्तावित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास निर्माणाधीन इंडस्ट्रियल कॉरिडोर। संवाद
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उन्नाव/सोनिक। लखनऊ-कानपुर हाईवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के संगम पर स्थित उन्नाव औद्योगिक विकास के एक नए अध्याय की ओर अग्रसर है। यहां 132 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किए जा रहे औद्योगिक गलियारा (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) के पास ही रक्षा उद्योग गलियारा (डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) की स्थापना की तैयारी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 230 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इसमें से लगभग 40 हेक्टेयर जमीन सरकारी है और बाकी काश्तकारों की है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन ने भूमि चिह्नीकरण की प्रक्रिया पूरी कर शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
सदर तहसील के सरांय कटियान गांव के पास 132 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा बन रहा है। यहां शासन ने विकास कार्यों के लिए 186 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। वहीं फेज दो में इसे 316 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विस्तार दिया जाएगा। जिला प्रशासन औद्योगिक गलियारे में सड़क, बिजली, पानी, सीईटीपी, पेट्रोल पंप आदि सुविधाओं से उद्योगों की स्थापना का आधार तैयार करा रहा है। लखनऊ व कानपुर से नजदीकी, एक हाईवे और दो एक्सप्रेसवे के पास होने से यह औद्योगिक गलियारा देश के साथ विदेशी कंपनियों की पसंद बन गया है। यहां यूएई का शाही परिवार भी चार हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। यूएई की कंपनी यहां फिश हैचरी, प्रोसेसिंग प्लांट और फीड प्लांट लगा रही है।
एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि औद्योगिक गलियारा के निकट रक्षा उद्योग गलियारा की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने भूमि की मांग की थी। आवश्यक भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। किसानों को उनकी भूमि के बदले सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा प्रदान किया जाएगा। यह गलियारा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।
विदेशी कंपनियों को भा रहा गलियारा
उन्नाव का औद्योगिक परिदृश्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आगमन से और भी समृद्ध हो रहा है। पोलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी कैनपैक यहां एक कैन निर्माण संयंत्र स्थापित करने जा रही है। यह संयंत्र शीतल पेय, एनर्जी ड्रिंक और बियर जैसे उत्पादों के लिए कैन का उत्पादन करेगा। कंपनी 65 एकड़ भूमि पर यह उद्योग स्थापित करने के लिए 1300 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। अनुमान है कि इस परियोजना से पांच हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, मांस निर्यातक ग्रुप एचएमए और दुबई की स्नैक फूडस्टफ एलएलसी कंपनी मिलकर एक कृषि उत्पाद पैकेजिंग उद्यम की स्थापना करेंगी। यह कंपनी 2000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। एचएमए ग्रुप की दहीचौकी औद्योगिक क्षेत्र में पहले से ही मांस निर्यातक इकाई स्थापित है जिसकी दिल्ली, अलीगढ़ और आगरा में भी शाखाएं हैं। यह नई इकाई मीट के अलावा मछली, चावल और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह निवेश उन्नाव को एक प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दो हजार उद्योगों का ठिकाना बनेंगे दोनों गलियारे
औद्योगिक और रक्षा औद्योगिक गलियारों से उन्नाव प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का राज्य बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। जिले में वन ट्रिलियन डॉलर (ओटीडी) सेल बनाई गई है। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा उद्यमियों और निवेशकों के प्रतिनिधि भी सदस्य बनाए जा रहे हैं। सेल की हर महीने बैठक होगी और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श कर उन पर अमल किया जाएगा। आने वाले समय में दोनों काॅरिडोर में करीब दो हजार से अधिक छोटे-बड़े उद्योग स्थापित होंगे। -गौरांग राठी, डीएम
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सदर तहसील के सरांय कटियान गांव के पास 132 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा बन रहा है। यहां शासन ने विकास कार्यों के लिए 186 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। वहीं फेज दो में इसे 316 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विस्तार दिया जाएगा। जिला प्रशासन औद्योगिक गलियारे में सड़क, बिजली, पानी, सीईटीपी, पेट्रोल पंप आदि सुविधाओं से उद्योगों की स्थापना का आधार तैयार करा रहा है। लखनऊ व कानपुर से नजदीकी, एक हाईवे और दो एक्सप्रेसवे के पास होने से यह औद्योगिक गलियारा देश के साथ विदेशी कंपनियों की पसंद बन गया है। यहां यूएई का शाही परिवार भी चार हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। यूएई की कंपनी यहां फिश हैचरी, प्रोसेसिंग प्लांट और फीड प्लांट लगा रही है।
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एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि औद्योगिक गलियारा के निकट रक्षा उद्योग गलियारा की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने भूमि की मांग की थी। आवश्यक भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। किसानों को उनकी भूमि के बदले सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा प्रदान किया जाएगा। यह गलियारा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।
विदेशी कंपनियों को भा रहा गलियारा
उन्नाव का औद्योगिक परिदृश्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आगमन से और भी समृद्ध हो रहा है। पोलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी कैनपैक यहां एक कैन निर्माण संयंत्र स्थापित करने जा रही है। यह संयंत्र शीतल पेय, एनर्जी ड्रिंक और बियर जैसे उत्पादों के लिए कैन का उत्पादन करेगा। कंपनी 65 एकड़ भूमि पर यह उद्योग स्थापित करने के लिए 1300 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। अनुमान है कि इस परियोजना से पांच हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, मांस निर्यातक ग्रुप एचएमए और दुबई की स्नैक फूडस्टफ एलएलसी कंपनी मिलकर एक कृषि उत्पाद पैकेजिंग उद्यम की स्थापना करेंगी। यह कंपनी 2000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। एचएमए ग्रुप की दहीचौकी औद्योगिक क्षेत्र में पहले से ही मांस निर्यातक इकाई स्थापित है जिसकी दिल्ली, अलीगढ़ और आगरा में भी शाखाएं हैं। यह नई इकाई मीट के अलावा मछली, चावल और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह निवेश उन्नाव को एक प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दो हजार उद्योगों का ठिकाना बनेंगे दोनों गलियारे
औद्योगिक और रक्षा औद्योगिक गलियारों से उन्नाव प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का राज्य बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। जिले में वन ट्रिलियन डॉलर (ओटीडी) सेल बनाई गई है। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा उद्यमियों और निवेशकों के प्रतिनिधि भी सदस्य बनाए जा रहे हैं। सेल की हर महीने बैठक होगी और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श कर उन पर अमल किया जाएगा। आने वाले समय में दोनों काॅरिडोर में करीब दो हजार से अधिक छोटे-बड़े उद्योग स्थापित होंगे। -गौरांग राठी, डीएम

फोटो-15-प्रस्तावित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास निर्माणाधीन इंडस्ट्रियल कॉरिडोर। संवाद
