{"_id":"696a8aaa93bfc5628c000d94","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1054-143620-2026-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: कुलदीप सेंगर प्रकरण में पीड़िता के चाचा की चार मुकदमों में पेशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: कुलदीप सेंगर प्रकरण में पीड़िता के चाचा की चार मुकदमों में पेशी
विज्ञापन
फोटो-29- न्यायालय परिसर में खड़ा दिल्ली पुलिस का वाहन। संवाद
विज्ञापन
उन्नाव। कुलदीप सेंगर प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता के सजायाफ्ता चाचा के खिलाफ चल रहे चार मुकदमों में शुक्रवार को न्यायालय में पेशी हुई। दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद पीड़िता के चाचा को दिल्ली पुलिस ने एसीजेएम प्रथम न्यायालय में पेश किया। तीन मुकदमों में गवाहों से जिरह की गई। अन्य गवाह को न्यायालय से समन जारी कर जिरह के लिए अदालत में पेश होने के लिए कहा है। न्यायाधीश ने चारों मुकदमों में सुनवाई के लिए अगली तारीख 30 जनवरी तय की है।
पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर की हत्या के प्रयास में पीड़िता के चाचा को 10 साल की सजा हुई थी। वह चार साल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। सदर कोतवाली और माखी थाना से जुड़े चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सीबीआई के गवाह की मौत की घटना में हत्या की अफवाह फैलाने, गांव में राजनीतिक द्वेष के चलते अपमानजनक पंफ्लेट बंटवाने, गैंगस्टर की पत्रावली में सफेदा (व्हाइटनर) लगाकर अपना नाम हटाने, मारपीट के मुकदमे विचाराधीन हैं। इन मुकदमों की सुनवाई अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम (एसीजेएम प्रथम) न्यायालय में चल रही है।
शुक्रवार को चारों मामलों में पेशी के लिए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में लेकर न्यायालय पहुंची। सुरक्षा के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी न्यायालय परिसर में मौजूद रहे। न्यायालय कक्ष के बाहर बैरिकेडिंग और चेकिंग की व्यवस्था रही। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष में लंबी बहस चली। न्यायिक अभिलेखों में सफेदा लगाने के मुकदमे में तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने वाले सिपाही के बयान के अलावा तीन मुकदमों में गवाहों की जिरह पूरी हुई। मुकदमा दर्ज कराने वाले के बयान नहीं हो सके। न्यायाधीश ने पेशी के लिए अगली तारीख 30 जनवरी तय की है। पेशी के बाद दिल्ली पुलिस आरोपी को लेकर तिहाड़ जेल रवाना हो गई।
रिकार्ड रूम के तत्कालीन लिपिक के खिलाफ गैर जमानती वारंट
सजायाफ्ता पीड़िता के चाचा ने गैंगस्टर की पत्रावली पर सफेदा (व्हाइटनर) लगाकर नाम हटवाने का प्रयास किया था। इस पर न्यायालय के रिकार्ड रूम के तत्कालीन बाबू गणेश तिवारी ने सदर कोतवाली में धोखाधड़ी, कूटरचना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी का न्यायालय की तरफ से कई बार समन भेजा जा चुका है। न्यायालय में हाजिर न होने पर शुक्रवार को एसीजेएम प्रथम न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
डाक्टर, सिपाही सहित तीन की जिरह पूरी
सीबीआई गवाह की मौत को हत्या बताकर अफवाह फैलाने वाले के मुकदमे में माखी थाना के तत्कालीन एसआई ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर तपन गुप्ता की जिरह पूरी हुई। वहीं दूसरे मामले में माखी गांव निवासी सुरेश सिंह और तीसरे मुकदमे में कास्टेबल विजय सिंह की न्यायालय में जिरह पूरी हुई।
Trending Videos
पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर की हत्या के प्रयास में पीड़िता के चाचा को 10 साल की सजा हुई थी। वह चार साल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। सदर कोतवाली और माखी थाना से जुड़े चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सीबीआई के गवाह की मौत की घटना में हत्या की अफवाह फैलाने, गांव में राजनीतिक द्वेष के चलते अपमानजनक पंफ्लेट बंटवाने, गैंगस्टर की पत्रावली में सफेदा (व्हाइटनर) लगाकर अपना नाम हटाने, मारपीट के मुकदमे विचाराधीन हैं। इन मुकदमों की सुनवाई अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम (एसीजेएम प्रथम) न्यायालय में चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को चारों मामलों में पेशी के लिए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में लेकर न्यायालय पहुंची। सुरक्षा के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी न्यायालय परिसर में मौजूद रहे। न्यायालय कक्ष के बाहर बैरिकेडिंग और चेकिंग की व्यवस्था रही। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष में लंबी बहस चली। न्यायिक अभिलेखों में सफेदा लगाने के मुकदमे में तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने वाले सिपाही के बयान के अलावा तीन मुकदमों में गवाहों की जिरह पूरी हुई। मुकदमा दर्ज कराने वाले के बयान नहीं हो सके। न्यायाधीश ने पेशी के लिए अगली तारीख 30 जनवरी तय की है। पेशी के बाद दिल्ली पुलिस आरोपी को लेकर तिहाड़ जेल रवाना हो गई।
रिकार्ड रूम के तत्कालीन लिपिक के खिलाफ गैर जमानती वारंट
सजायाफ्ता पीड़िता के चाचा ने गैंगस्टर की पत्रावली पर सफेदा (व्हाइटनर) लगाकर नाम हटवाने का प्रयास किया था। इस पर न्यायालय के रिकार्ड रूम के तत्कालीन बाबू गणेश तिवारी ने सदर कोतवाली में धोखाधड़ी, कूटरचना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी का न्यायालय की तरफ से कई बार समन भेजा जा चुका है। न्यायालय में हाजिर न होने पर शुक्रवार को एसीजेएम प्रथम न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
डाक्टर, सिपाही सहित तीन की जिरह पूरी
सीबीआई गवाह की मौत को हत्या बताकर अफवाह फैलाने वाले के मुकदमे में माखी थाना के तत्कालीन एसआई ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर तपन गुप्ता की जिरह पूरी हुई। वहीं दूसरे मामले में माखी गांव निवासी सुरेश सिंह और तीसरे मुकदमे में कास्टेबल विजय सिंह की न्यायालय में जिरह पूरी हुई।
