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Unnao News: ‘पानी नहीं छलकेगा’ के दावे वाले एक्सप्रेसवे की खुल गई पोल
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उन्नाव। भारी भरकम 4200 करोड़ की लागत और पांच साल के लंबे इंतजार के बाद मिले जिस लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को सौगात बताया गया और गुणवत्ता के बड़े बड़े-बड़े दावे किए गए उसकी पोल महज 26 दिन में खुल गई।
लोकार्पण के समय 13 जुलाई को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा था कि अब कहूं ब्रेक लेवे की जरूरत नहीं है, बस एक्सीलरेटर दबाओ और फर्राटा मारे चले जाओ। उन्होंने दावा किया था कि यह एक्सप्रेसवे इतना सपाट और चिकना है कि गाड़ी में पानी का गिलास तक नहीं छलकेगा। यह बात अलग है कि सफर करने वालों के पेट का पानी तक हिल रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया था कि अभी प्रदेश में इसी तरह के और बहुत सारे एक्सप्रेसवे बनने हैं। सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि लोकार्पण के 17वें दिन ही 200 मीटर सड़क धंस गई थी और यह सिलसिला 26वें दिन भी जारी है। मालूम हो कि 2019 में उस समय केंद्र सरकार में गृहमंत्री रहे लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने इसका शिलान्यास किया था और वह लोकार्पण समारोह में भी शामिल रहे थे।
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ये हो चुकी है कार्रवाई
निर्माण में अनियमितता पर एनएचएआई ने पांच दिसंबर को लखनऊ के परियोजना निदेशक (पीडी) नकुल प्रकाश वर्मा का दिल्ली तबादला। पूर्व पीडी सौरभ चौरसिया के खिलाफ आरोपपत्र। निर्माण एजेंसी पीएनसी की सहयोगी निर्माण एजेंसी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को हटा दिया था। इन तीनों को दो वर्ष के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित भी किया गया है। निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर का नोटिस और सुधार कार्यों का करीब तीन करोड़ रुपये खर्च भी वहन करना होगा। सड़क सुरक्षा के मानक पूरे होने तक टोल वसूली नहीं होगी।
छठे दिन खत्म हुआ छह किमी डायवर्जन
एक्सप्रेसवे पर रविवार रात से बेहटा गांव के पास सड़क धंसने से छह किलोमीटर में लागू किया गया डायवर्जन शुक्रवार दोपहर बाद करीब तीन बजे खत्म कर दिया गया। पीएनसी के मैनेजर विजय एस कुंडू ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर बेहटा के सामने का डायवर्जन खत्म कर दिया गया है। हालांकि अभी भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। बताया कि केवल उन्हीं स्थानों पर डायवर्जन है जहां पर सड़क की मरम्मत चल रही है। सभी जगह मरम्मत का काम अगले दो-तीन दिन में खत्म हो जाएगा। मालूम हो कि छह लेन एक्सप्रेसवे लगातार छह दिन से छह किमी में केवल तीन लेन का ही था। इससे वाहन चालकों को दिक्कत हो रही थी।
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लोकार्पण के समय 13 जुलाई को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा था कि अब कहूं ब्रेक लेवे की जरूरत नहीं है, बस एक्सीलरेटर दबाओ और फर्राटा मारे चले जाओ। उन्होंने दावा किया था कि यह एक्सप्रेसवे इतना सपाट और चिकना है कि गाड़ी में पानी का गिलास तक नहीं छलकेगा। यह बात अलग है कि सफर करने वालों के पेट का पानी तक हिल रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया था कि अभी प्रदेश में इसी तरह के और बहुत सारे एक्सप्रेसवे बनने हैं। सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है।
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लेकिन हैरानी की बात यह है कि लोकार्पण के 17वें दिन ही 200 मीटर सड़क धंस गई थी और यह सिलसिला 26वें दिन भी जारी है। मालूम हो कि 2019 में उस समय केंद्र सरकार में गृहमंत्री रहे लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने इसका शिलान्यास किया था और वह लोकार्पण समारोह में भी शामिल रहे थे।
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ये हो चुकी है कार्रवाई
निर्माण में अनियमितता पर एनएचएआई ने पांच दिसंबर को लखनऊ के परियोजना निदेशक (पीडी) नकुल प्रकाश वर्मा का दिल्ली तबादला। पूर्व पीडी सौरभ चौरसिया के खिलाफ आरोपपत्र। निर्माण एजेंसी पीएनसी की सहयोगी निर्माण एजेंसी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को हटा दिया था। इन तीनों को दो वर्ष के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित भी किया गया है। निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर का नोटिस और सुधार कार्यों का करीब तीन करोड़ रुपये खर्च भी वहन करना होगा। सड़क सुरक्षा के मानक पूरे होने तक टोल वसूली नहीं होगी।
छठे दिन खत्म हुआ छह किमी डायवर्जन
एक्सप्रेसवे पर रविवार रात से बेहटा गांव के पास सड़क धंसने से छह किलोमीटर में लागू किया गया डायवर्जन शुक्रवार दोपहर बाद करीब तीन बजे खत्म कर दिया गया। पीएनसी के मैनेजर विजय एस कुंडू ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर बेहटा के सामने का डायवर्जन खत्म कर दिया गया है। हालांकि अभी भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। बताया कि केवल उन्हीं स्थानों पर डायवर्जन है जहां पर सड़क की मरम्मत चल रही है। सभी जगह मरम्मत का काम अगले दो-तीन दिन में खत्म हो जाएगा। मालूम हो कि छह लेन एक्सप्रेसवे लगातार छह दिन से छह किमी में केवल तीन लेन का ही था। इससे वाहन चालकों को दिक्कत हो रही थी।