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Unnao News: हर आधे घंटे में ट्रिपिंग, दो लाख की आबादी झेल रही बिजली संकट
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औरास। अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज से दो लाख की आबादी परेशान है। हर आधे घंटे पर ट्रिपिंग हो जाती है। लोगों का आरोप है कि बिजली निगम के अधिकारी समस्या के समाधान के लिए ठोस उपाय नहीं कर रहे हैं।
औरास बिजली उपकेंद्र से जमालनगर, परौरी, हाथीखेड़ा व औरास कस्बा फीडर जुड़े हैं। इन फीडरों से क्षेत्र की दो लाख की आबादी को बिजली आपूर्ति की जाती है। औरास कस्बा फीडर को तो एक पांच एमवीए के पावर ट्रांसफार्मर के माध्यम से सप्लाई दी जाती है लेकिन बचे तीनों फीडरों का पूरा लोड दूसरे पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर पर है। एक ट्रांसफार्मर से तीन फीडरों के जुड़े होने से लोड ज्यादा है। इसी कारण अक्सर ट्रांसफार्मर के ओवरहीट होने से कुछ समय के लिए बंद करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर तार टूटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।
ग्रामीण सुरेंद्र सिंह, अनूप भट्ट, सोनू यादव, उमेश व अनुज आदि का कहना है कि बिजली सप्लाई शुरू होते ही हर आधे घंटे में ट्रिपिंग हो जाती है या लाइन बंद कर दी जाती है। इसके अलावा जब आपूर्ति शुरू होती है तो लो-वोल्टेज की समस्या खड़ी हो जाती है। इसके चलते पंखे, पानी की मोटर और फ्रिज सिर्फ शो-पीस बनकर रह गए हैं। लो-वोल्टेज के साथ अंधाधुंध अघोषित बिजली कटौती ने जीना मुहाल कर दिया है। अवर अभियंता रामू ने बताया कि खोखापुर से औरास उपकेंद्र जुड़ा है। वहीं से पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पा रहा है। इसीलिए दिक्कत हो रही है। अघोषित कटौती खोखापुर से ही की जाती है। यहां जितनी देर बिजली मिलती है, उतने समय उपभोक्ताओं को सप्लाई दी जाती है।
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औरास बिजली उपकेंद्र से जमालनगर, परौरी, हाथीखेड़ा व औरास कस्बा फीडर जुड़े हैं। इन फीडरों से क्षेत्र की दो लाख की आबादी को बिजली आपूर्ति की जाती है। औरास कस्बा फीडर को तो एक पांच एमवीए के पावर ट्रांसफार्मर के माध्यम से सप्लाई दी जाती है लेकिन बचे तीनों फीडरों का पूरा लोड दूसरे पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर पर है। एक ट्रांसफार्मर से तीन फीडरों के जुड़े होने से लोड ज्यादा है। इसी कारण अक्सर ट्रांसफार्मर के ओवरहीट होने से कुछ समय के लिए बंद करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर तार टूटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।
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ग्रामीण सुरेंद्र सिंह, अनूप भट्ट, सोनू यादव, उमेश व अनुज आदि का कहना है कि बिजली सप्लाई शुरू होते ही हर आधे घंटे में ट्रिपिंग हो जाती है या लाइन बंद कर दी जाती है। इसके अलावा जब आपूर्ति शुरू होती है तो लो-वोल्टेज की समस्या खड़ी हो जाती है। इसके चलते पंखे, पानी की मोटर और फ्रिज सिर्फ शो-पीस बनकर रह गए हैं। लो-वोल्टेज के साथ अंधाधुंध अघोषित बिजली कटौती ने जीना मुहाल कर दिया है। अवर अभियंता रामू ने बताया कि खोखापुर से औरास उपकेंद्र जुड़ा है। वहीं से पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पा रहा है। इसीलिए दिक्कत हो रही है। अघोषित कटौती खोखापुर से ही की जाती है। यहां जितनी देर बिजली मिलती है, उतने समय उपभोक्ताओं को सप्लाई दी जाती है।
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