UP: यूपीआई और एपीके फाइल भेजकर 72 घंटे में 30 लाख रुपये की ठगी, साइबर ठगों ने लोन का दिया हवाला; FIR
Varanasi News: वाराणसी में साइबर ठगों ने कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 72 घंटे के भीतर करीब 30 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने यूपीआई भुगतान और एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल किया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस जांच में जुट गई है।
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Cyber Crime: साइबर थाना पुलिस के पास 72 घंटे के अंदर 30 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला आया। इसमें कम ब्याज पर लोन देने, एपीके फाइल भेजकर गुमराह करने और यूपीआई के माध्यम से साइबर ठगों ने तीन मामलों में उगाही की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर साइबर थाना पुलिस जांच में जुट गई है।
चेतगंज के सेनपुरा निवासी विवेक अग्रहरि से साइबर ठगों ने 8 लाख 91 हजार 726 रुपये की ठगी की। विवेक को 20 लाख रुपये लोन की जरूरत थी। इस दौरान सोशल साइट इंस्टाग्राम पर एक निजी फाइनेंस कंपनी का प्रचार देखा। लिंक पर क्लिक किया तो कुछ जानकारी उनके सामने आई। इसके कुछ ही देर बाद अनजान नंबर से कॉल आया।
कॉल करने वाले ने खुद को महाराष्ट्र का निवासी और कंपनी का अधिकृत एजेंट अनिकेत बताया। कहा कि लोन की सारी रकम कम ब्याज पर करा सकता है। उसकी बातों में आकर फीस, हेल्थ इंश्योरेंस आदि प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर कई बार में रुपये ऐंठ लिए गए।
दूसरा मामला शिवपुर थाना क्षेत्र का है। नवलपुर निवासी विजय कुमार से साइबर ठगों ने एपीके फाइल भेजकर 11 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली। पुलिस को दिए तहरीर में विजय कुमार ने बताया कि 11 मई को साढ़े तीन बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप के माध्यम से एपीके फाइल भेजी गई थी।
फाइल डाउनलोड करने के बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से छह बार में कुल 11,01,309 रुपये 19 पैसे निकाल लिए। उनके खाते में बचत खाते के रूप में 4.30 लाख रुपये तथा फिक्स डिपॉजिट के रूप में 6.75 लाख रुपये जमा थे। खाते से धनराशि निकलने की जानकारी पर प्राथमिकी दर्ज कराई।
बॉक्स लिंक भेजकर 9.57 लाख रुपये ठगे
चौक थाना क्षेत्र के बांसफाटक निवासी कारोबारी किशन कपूर के बैंक खाते से साइबर ठगों ने यूपीआई के माध्यम से 9.57 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। किशन कपूर ने शिकायत में बताया कि उनके नाम से संचालित श्री धनलक्ष्मी फर्म का बैंक ऑफ बड़ौदा की चौक शाखा में खाता है। खाते से उनका मोबाइल नंबर भी लिंक है। 17 जून को उनके मोबाइल पर खाते से धन निकासी का संदेश प्राप्त हुआ।
संदेश देखकर उन्होंने खाते की जांच की तो पता चला कि उनके खाते से लगभग 9.57 लाख रुपये निकल चुके हैं। पीड़ित ने तत्काल बैंक पहुंचकर जानकारी ली। बैंक अधिकारियों ने बताया कि खाते से किसी व्यक्ति द्वारा यूपीआई के माध्यम से रुपये निकाले गए हैं। थाना प्रभारी दिलीप मिश्रा ने बताया कि जांच साइबर थाना पुलिस को सौंप दी गई है।
ये बरतें सावधानी
- सोशल मीडिया पर दिखने वाले सस्ते लोन या कम ब्याज वाले विज्ञापनों पर आंखें मूंदकर भरोसा न करें।
- अनजान एपीके फाइल कभी डाउनलोड न करें ये फाइलें असल में वायरस या मैलवेयर होती हैं।
- याद रखें कि अपने बैंक खाते में पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन डालने या क्यूआर कोड स्कैन करने की आवश्यकता नहीं होती।
- अगर कोई फोन पर खुद को बैंक अधिकारी, लोन एजेंट या बीमा कर्मचारी बताकर पैसे मांगता है तो ये फर्जी कॉल है, कोई भी बैंक फोन पर पैसे नहीं मांगता।
- साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें सोशल मीडिया पर दिखने वाले सस्ते लोन या कम ब्याज वाले विज्ञापनों पर आंखें मूंदकर भरोसा न करें।
- साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें