काशी विद्यापीठ: अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक भवन पर की तालाबंदी, अंदर थे कुलपति समेत अन्य अफसर; नारेबाजी
Varanasi News: प्रदर्शनकारियों ने प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि प्रवेश के समय छात्रों को जानकारी के अभाव में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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Varanasi Crime: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बृहस्पतिवार को छात्र समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल, मेस, लाइब्रेरी सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रशासनिक भवन पर तालाबंदी कर दी। इस दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए धरना दिया और कुलपति से वार्ता की मांग पर अड़े रहे।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार के साथ ही वैकल्पिक प्रवेश द्वार पर भी ताला जड़ दिया गया, जिससे अंदर मौजूद कुलपति समेत अन्य अधिकारी भवन से बाहर नहीं निकल सके। वहीं, बाहर से आने वाले कर्मचारियों और छात्रों का भी अंदर प्रवेश बाधित रहा। इससे परिसर में काफी देर तक गतिरोध की स्थिति बनी रही।
छात्रों ने किया प्रदर्शन
अभाविप काशी विद्यापीठ इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने दस सूत्रीय मांगें रखीं। प्रमुख मांगों में छात्रावासों में मेस सुविधा को नियमित रूप से संचालित करने, लाइब्रेरी में पुस्तकों और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा लाइब्रेरी का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक बढ़ाने की मांग शामिल रही।
इसके अलावा छात्रों ने सत्र 2025-26 को नियमित करते हुए शैक्षणिक कैलेंडर जारी करने, अंतिम वर्ष के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों की परीक्षाएं जल्द आयोजित कर परिणाम घोषित करने की मांग उठाई। जिन पाठ्यक्रमों में मेरिट के आधार पर प्रवेश होना है, उनकी काउंसिलिंग 10 जून तक पूरी कराने तथा जिन कोर्सों में प्रवेश परीक्षा होनी है, उनकी तिथि शीघ्र घोषित करने की भी मांग की गई।
जताई नाराजगी
अभाविप काशी विद्यापीठ इकाई के अध्यक्ष ओमआकाश मौर्य ने आरोप लगाया कि संगठन की ओर से कई बार कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की उदासीनता के कारण छात्रों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे पढ़ाई-लिखाई भी प्रभावित हो रही है।
इस दौरान अभाविप के महानगर मंत्री शिवम तिवारी, विभाग संयोजक आकाश प्रताप सिंह, महानगर सह मंत्री अंकुर तिवारी सहित खुशी राय, श्रुति सिंह, श्रेया और अभिषेक समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द छात्रहित में निर्णय लेने की मांग की।