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‘मुक्काबाज’ में दम दिखा रहा बनारसी छोरा, बॉक्सिंग की ट्रेनिंग लेने के लिए बेचा था घर का सामान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 13 Jan 2018 02:02 PM IST
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मुक्काबाज
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गैंग आफ वासेपुर फेम विनीत सिंह का तगड़ा पंच बड़े पर्दे पर एक बार फिर देखने को मिलेगा। बनारस के भोजूबीर क्षेत्र के रहने वाले विनीत सिंह की फिल्म मुक्काबाज शुक्रवार को रिलीज हुई। खिलाड़ी के संघर्ष और उसके प्यार की कहानी को मुक्काबाज में दिखाने का प्रयास किया गया है।
विनीत मूलत: एक बास्केटबाल खिलाड़ी थे और उन्होंने मुक्काबाज के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली और इस दौरान कई बार घायल भी हुए। विनीत ने बताया कि अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी मुक्काबाज की कहानी उन्होंने और उनकी बहन मुक्ति ने मिलकर लिखी है।
तीन साल तक फिल्म की कहानी लेकर घूमता रहा। लीड रोल के लिए खुद को तैयार करने लगा लेकिन लोग लीड रोल के लिए किसी बड़े कलाकार को लेना चाहते थे और मैं इसके लिए तैयार नहीं था।
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विनीत मूलत: एक बास्केटबाल खिलाड़ी थे और उन्होंने मुक्काबाज के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली और इस दौरान कई बार घायल भी हुए। विनीत ने बताया कि अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी मुक्काबाज की कहानी उन्होंने और उनकी बहन मुक्ति ने मिलकर लिखी है।
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तीन साल तक फिल्म की कहानी लेकर घूमता रहा। लीड रोल के लिए खुद को तैयार करने लगा लेकिन लोग लीड रोल के लिए किसी बड़े कलाकार को लेना चाहते थे और मैं इसके लिए तैयार नहीं था।
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26 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके विनीत सिंह
विनीत सिंह
आखिरकार जब मैं अनुराग कश्यप से मिला तो उन्होंने 14 दिन बाद रिस्पांस दिया कि यह फिल्म बनेगी। उन्होंने कहा कि फिल्म करूंगा, लेकिन दो शर्त हैं। पहले तुमको रीयल मुक्केबाज बनना होगा और स्क्रिप्ट में थोड़ा बदलाव करना होगा।
उसी दिन बॉक्सिंग हब पटियाला जाने की ठान ली, लेकिन जाने के लिए इतने पैसे नहीं थे। फिर फर्नीचर से लेकर टीवी तक सारा सामान बेचकर पटियाला पहुंच गया। वहा इंटरनेशनल खिलाड़ियों के बीच ट्रेनिंग लेनी शुरू की। इस दौरान 25 बार से ज्यादा मुंह फूटा, आंखों के ऊपर चोटें आईं।
एक बार तो फाइटिंग के दौरान पसलियां भी टूटीं। विनीत के मुताबिक, वह अब तक 26 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। विनीत के पिता श्रीराम सिंह यूपी कॉलेज में गणित के शिक्षक रह चुके हैं।
उसी दिन बॉक्सिंग हब पटियाला जाने की ठान ली, लेकिन जाने के लिए इतने पैसे नहीं थे। फिर फर्नीचर से लेकर टीवी तक सारा सामान बेचकर पटियाला पहुंच गया। वहा इंटरनेशनल खिलाड़ियों के बीच ट्रेनिंग लेनी शुरू की। इस दौरान 25 बार से ज्यादा मुंह फूटा, आंखों के ऊपर चोटें आईं।
एक बार तो फाइटिंग के दौरान पसलियां भी टूटीं। विनीत के मुताबिक, वह अब तक 26 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। विनीत के पिता श्रीराम सिंह यूपी कॉलेज में गणित के शिक्षक रह चुके हैं।