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UP: FIR से नाम निकालने को 22 हजार रुपये लेने का आरोप, वायरल वीडियो से उठे सवाल; रास्ते को लेकर हुई थी मारपीट

Mon, 17 Aug 2026 07:49 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 17 Aug 2026 07:49 PM IST
सार

Ballia News: बलिया में प्राथमिकी से नाम हटाने के लिए भीमपुरा थाने के एक उपनिरीक्षक पर 22 हजार रुपये लेने का आरोप लगा है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वीडियो के आधार पर उपनिरीक्षक की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच कराई जा रही है।

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Allegation accepting 22000 drop name from FIR viral video raises questions altercation occurred over pathway
बलिया के भीमपुरा थाने का मामला। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

मारपीट के मामले में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान नाम निकालने के एवज में 22 हजार रुपये लेने का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला भीमपुरा थाने से जुड़ा है। वायरल वीडियो में मधुकीपुर दिलमन निवासी सीताराम चौहान ने थाने पर तैनात एक उपनिरीक्षक व एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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वायरल वीडियो में सीताराम चौहान थाना परिसर के सामने आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं कि 22 जुलाई को रास्ते के विवाद को लेकर हुई मारपीट की घटना में वह शामिल नहीं थे, इसके बावजूद विपक्षी पक्ष की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में उनका नाम शामिल कर दिया गया। 
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प्राथमिकी के संबंध में थाने जाने के दौरान उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने विवेचना के दौरान नाम निकलवाने के लिए 30 से 35 हजार रुपये खर्च होने की बात कही।

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सीताराम के मुताबिक, उन्होंने पहली बार सात हजार और दूसरी बार 15 हजार रुपये दिए। उनका आरोप है कि दोनों बार उक्त व्यक्ति ने उनके सामने ही थाने पर तैनात उपनिरीक्षक को रुपये दिए। बाद में और रुपये की मांग की गई, लेकिन उन्होंने आर्थिक असमर्थता जताते हुए रुपये देने से इनकार कर दिया।

मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। थानाध्यक्ष रंजीत विश्वकर्मा ने उपनिरीक्षक पर रुपये लेने के आरोप को निराधार बताया। 

बताया कि 22 जुलाई को रास्ते के विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में सुधा चौहान की तहरीर पर तीन महिलाओं समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की विवेचना प्रचलित है और विवेचना में सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोप प्रमाणित हो रहे हैं। वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और जांच में तथ्य सामने आने के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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