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UP: सूचना देने के ढाई घंटे बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस, CHC पर डॉक्टर नदारद; मां की गोद में तड़पकर युवक की मौत

अमर उजाला नेटवर्क, मऊ। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 19 Jun 2026 05:32 PM IST
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सार

UP Accident News: मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र स्थित सरायसुदनी चट्टी के पास शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में घायल युवक के लिए एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन ढाई घंटे तक वाहन नहीं पहुंचा। समय पर इलाज न मिलने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल का उपचार जारी है।

Ambulance failed arrive two hours after summoned no doctor found CHC youth dies due lack of treatment
युवक की लाश के पास बिलखती महिला। - फोटो : संवाद
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विस्तार

Mau News: घोसी कोतवाली क्षेत्र के सरायसुदनी चट्टी के पास शुक्रवार की सुबह साढ़े दस बजे दो बाइक में आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक युवक करनपुर बड़राव निवासी रौनक की मौत हो गई, जबकि दूसरी बाइक सवार पिता-पुत्र सत्यम और मुन्ना गंभीर रूप से घायल हो गए। 



आरोप है कि सूचना देने ढाई घंटे बाद भी एंबुलेंस घटनास्थल पर नहीं पहुंची, वहीं जब घायलों को स्थानीय लोग निजी साधन से लेकर बड़राव सीएचसी पहुंचे तो वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला। उधर दोपहर दो बजे के करीब जिला अस्पताल ले जाते समय हादसे में घायल रौनक ने दम तोड़ दिया।

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परिजनों में मचा कोहराम

जानकारी के अनुसार, कुड़हनी गांव निवासी सत्यम कुमार 30 पुत्र मुन्ना अपने पिता मुन्ना 60 को लेकर बाइक से किसी काम से बोझी जा रहा था। अभी वह कटिहारी मार्ग पर सरायसुदनी के समीप पहुंचे ही थे कि सामने से बाइक से आ रहे करनपुर बड़राव निवासी रौनक चौहान 22 पुत्र अमरजीत चौहान की बाइक से आमने-सामने टक्कर हो गई। 

टक्कर लगने के बाद दोनों बाइकों पर सवार तीनों गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने पहले एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन काफी इंतजार के बाद एंबुलेंस के न आने पर लोग तीनों को लेकर बड़राव सीएचसी लेकर पहुंचे। उधर अस्पताल पहुंचने पर भी सुविधा न मिलने पर परिजन घायल रौनक को स्ट्रेचर न मिलने पर अपने गोद में लेकर डॉक्टर का इंतजार किया। 

करीब बीस मिनट एक डॉक्टर पहुंचे और प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उधर जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने रौनक को मृत घोषित कर दिया। रौनक की मौत की खबर लगते ही मां श्रीमती और दादी कस्तूरी का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। 

मृतक रौनक अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र था। उसके पिता एक पैर से दिव्यांग है, जो सूरत में रहकर वेल्डिंग का काम करते है। इस बाबत सीओ घोसी जितेंद्र कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में जानकारी मिली है, लेकिन घटना के संबंध में अब तक तहरीर नहीं मिली है।

सीएचसी में लापरवाही का आरोप, समय से नहीं मिला इलाज 
अमिला। हादसे में मृत रौनक के परिजन बृजेश चौहान, प्रदीप चौहान, संदीप चौहान, अवनीश चौहान का आरोप है कि गंभीर रूप से घायल रौनक चौहान को समय से इलाज के लिए सीएचसी बड़राव ले जाया गया। घायल रौनक काफी देर तक फर्श पर तड़पता रहा, लेकिन समय पर न ही उपचार मिला न ही एंबुलेंस। आरोप है कि अस्पताल में करीब ढाई घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। 

सीएचसी अधीक्षक डॉ अशोक कुमार भी मौके पर मौजूद नहीं मिले। उनकी कुर्सी खाली थी। ओपीडी में तैनात चिकित्सक भी इमरजेंसी मरीजों को देखने तत्काल नहीं पहुंचे। परिजनों का कहना है कि प्राथमिक उपचार किए बिना ही तीनों घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार सीएचसी पर घोर लापरवाही के कारण आए दिन घायल काल के गाल में समा रहे है। ग्रामीणों ने जांच की मांग की है। 

वहीं इस संबंध में सीएचसी बड़राव प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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