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बनारसगिरि 5.0: किसी ने डंबल फेरा..किसी ने पान गुलाया, स्टॉल पर दिखी काशी की संस्कृति; खूब हुई मस्ती

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 15 Mar 2026 01:42 AM IST
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सार

Varanasi News: बनारसगिरि में सभी नागरिकों एवं आगंतुकों से अपील की गई है कि वे बनारसगिरि 5.0 में सहभागिता कर बनारस की गलियों, परंपराओं और जीवंत सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करें।

Banarasgiri 5.0: A glimpse of Kashi's culture, crafts and food seen in the cantonment
नेहरू पार्क में शुरु हुए बनारसगिरी कार्यक्रम के मंच पर डंबल व कसरत। - फोटो : संवाद
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विस्तार

Varanasi News: छावनी परिसर स्थित बनारसगिरि 5.0 का आयोजन शनिवार से किया गया। दो दिवसीय आयोजन में पहले दिन शाम 4 बजे से सभी स्टॉल लग गए। इसके अलावा बनारस की गलियां, संस्कृति, शिल्प और खानपान का उत्सव देखने को मिला। 

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वाराणसी छावनी परिषद एवं वाराणसी स्मार्ट सिटी के संयुक्त तत्वावधान में 14 एवं 15 मार्च 2026 को शाम 5 बजे से छावनी क्षेत्र में बनारसगिरि 5.0 का आयोजन किया गया है। यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प, खानपान और सामुदायिक सहभागिता को समर्पित एक सामुदायिक उत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है। 
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पिछले बार के आयोजनों में नागरिकों, विद्यार्थियों, विभिन्न संस्थाओं और आगंतुकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली थी। इस वर्ष के आयोजन को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) की ओर से फिट इंडिया अभियान के तहत सहयोग दिया गया है। नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करने के लिए विभिन्न फिटनेस संबंधी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। 

परंपरा की दिखी झलक

बनारसगिरि 5.0 का मुख्य फोकस जीआई टैग उत्पादों और पारंपरिक शिल्प पर है। इसमें कारीगरों की ओर से लाइव डेमोंस्ट्रेशन एवं इंटरैक्टिव वर्कशॉप भी की जा रही हैं। इनमें मिट्टी के बर्तन (पॉटरी), हैंडलूम बुनाई, कालीन निर्माण तथा अन्य पारंपरिक शिल्प की निर्माण प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिला।

इस बार भी क्यू-रेटेड फूड स्ट्रीट का आयोजन किया गया है, जहां बनारस के प्रसिद्ध पारंपरिक स्ट्रीट फूड के साथ अन्य व्यंजनों का भी स्वाद लिया जा सकेगा। कार्यक्रम में बच्चों के लिए एक विशेष किड्स जोन भी स्थापित किया गया है, जहां बच्चों के लिए रचनात्मक एवं अनुभवात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। 

इस अवसर पर छावनी परिषद वाराणसी के मुख्य अधिशासी अधिकारी सत्यम मोहन ने कहा कि बनारसगिरि का उद्देश्य नागरिकों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे बनारस की पारंपरिक शिल्पकला, स्ट्रीट संस्कृति और समृद्ध खानपान परंपरा से जुड़ सकें तथा शहर की सामुदायिक भावना को और सशक्त बना सकें।

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