पुष्पा स्टाइल में गांजा तस्करी: हाइड्रोलिक चेंबर से 59 किलो के पैकेट बरामद; दो अरेस्ट; पूर्वांचल में खपाते माल
Varanasi News: सिगरा पुलिस ने पिकअप वाहन के हाइड्रोलिक चैंबर में छिपाकर ओडिशा से लाई गई 59.4 किलो गांजा की खेप बरामद की। 30 लाख रुपये मूल्य के 56 पैकेट गांजा के साथ बिहार के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अंतरराज्यीय नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच में जुटी है।
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कफ सिरप और शराब के बाद अब गांजा तस्कर भी फिल्म पुष्पा की तर्ज पर नए तरीके अपना रहे हैं। सिगरा पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पिकअप वाहन के हाइड्रोलिक चैंबर में छिपाकर लाई जा रही 59.4 किलोग्राम गांजा की खेप बरामद की है। मामले में बिहार के रोहतास जिले के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है।
सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि सावन माह को देखते हुए चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजा की बड़ी खेप वाराणसी लाई जा रही है, जिसे पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जाना था। सूचना के आधार पर पुलिस ने पूर्वोत्तर रेलवे कॉलोनी स्थित लहरतारा अमूल डेयरी मोड़ के पास घेराबंदी कर ओडिशा नंबर की पिकअप को रोक लिया।
तलाशी के दौरान वाहन के डाले के नीचे बने हाइड्रोलिक चैंबर में बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखे गए 56 पैकेट गांजा बरामद हुए। पुलिस ने मौके से बिहार के रोहतास जिले के शिवसागर निवासी मुमताज फारूकी और मुन्ना फारूकी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि गांजे की खेप ओडिशा से झारखंड और बिहार के रास्ते वाराणसी लाई गई थी। इसके बाद इसे पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में खपाने की तैयारी थी।
पुलिस ने पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि खेप किसके कहने पर मंगाई गई थी और इसकी डिलीवरी किन लोगों को होनी थी।
पुलिस के अनुसार सावन माह में भांग और गांजा की मांग सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ स्थानों पर सरकारी भांग के ठेकों की आड़ में भी अवैध रूप से गांजा बेचे जाने की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है।