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Cough Syrup Case: शुभम को माफिया की नजर से बचाया, कवच बना था विकास; कफ सिरप को ऐसे पहुंचाया बांग्लादेश
ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 28 Jan 2026 04:21 PM IST
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सार
Varanasi News: पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि पूरब से पश्चिम तक विकास सिंह ने ही कफ सिरप तस्करी की पूरी पटकथा लिखी है। उसने शुभम जायसवाल के साथ मिलकर कफ सिरप को बांग्लादेश तक पहुंचाया।
आलोक और अमित टाटा की तिकड़ी के सहारे चला तस्करी का खेल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कफ सिरप तस्करी का सिंडिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खड़ा करने में विकास सिंह नरवे का सबसे अहम हाथ रहा है। विकास ने ही पूर्वांचल के माफिया को साधा और उनसे शुभम को जोड़ने में भूमिका निभाई। इसका यह असर रहा कि 2022 से 2025 तक किसी भी माफिया ने शुभम जायसवाल की तरफ मुंह उठाकर नहीं देखा।
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लखनऊ जेल में बंद अमित सिंह टाटा ने एसटीएफ की पूछताछ में यह बताया था कि शुभम से उसकी मुलाकात विकास सिंह नरवे ने ही कराई थी। इसके बाद एसटीएफ से बर्खास्त आलोक सिंह, अमित सिंह टाटा और विकास सिंह की तिकड़ी ने कफ सिरप की खेप बांग्लादेश तक पहुंचाने का काम किया।
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आजमगढ़ के नरवे निवासी विकास सिंह को कफ सिरप का ऐसा चस्का लगा कि वह जौनपुर में ही अपना स्थायी ठिकाना बना लिया। कोतवाली पुलिस की पूछताछ में यह छनकर सामने आया कि पूरब से पश्चिम तक विकास सिंह ने ही कफ सिरप तस्करी की पूरी पटकथा लिखी है।
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शुभम के इनर सर्किल में शामिल विकास सिंह ने जौनपुर और आजमगढ़ में कई ड्रग लाइसेंस फर्जी नाम और पते पर भी बनवाए हैं। विकास सिंह नरवे, अमित टाटा, आलोक सिंह, आकाश पाठक समेत अन्य करीबी दुबई में कई बार जश्न मना चुके हैं। शुभम के साथ की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं। 100 करोड़ से अधिक कफ सिरप से कमाई करने वाले विकास सिंह नरवे के पीछे अन्य एजेंसियां भी लगी हैं। विकास सिंह पर जौनपुर, आजमगढ़, वाराणसी में आपराधिक प्राथमिकी भी दर्ज है।
ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने की फिराक में था विकास
विकास सिंह नरवे की निगाह आगामी पंचायत चुनाव पर थी। वह हिस्ट्रीशीटर प्रदीप सिंह कबूतरा के क्षेत्र पल्हना ब्लॉक को केंद्र बनाकर काम कर रहा था। पल्हना ब्लॉक में विकास सिंह की दखल छह महीने तक तक अच्छी खासी रही। पुलिस के मुताबिक, विकास सिंह ने पिछले दो साल में अकूत संपत्ति अर्जित की है। यही कारण है कि विकास सिंह पर भी प्रवर्तन निदेशालय ने निगरानी बढ़ाई है।
75 हजार के इनामी शुभम को सता रहा था अपनी जान का खतरा
पुलिस के मुताबिक, विकास सिंह नरवे और आकाश पाठक की गिरफ्तारी के बाद शुभम जायसवाल की भी गिरफ्तारी हो सकती है। वह अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से कानूनी सलाह ले रहा है। न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। शुभम की बहुत पहले गिरफ्तारी हो गई होती लेकिन उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था। इस वजह से वह भाग निकला है।
75 हजार के इनामी शुभम को सता रहा था अपनी जान का खतरा
पुलिस के मुताबिक, विकास सिंह नरवे और आकाश पाठक की गिरफ्तारी के बाद शुभम जायसवाल की भी गिरफ्तारी हो सकती है। वह अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से कानूनी सलाह ले रहा है। न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। शुभम की बहुत पहले गिरफ्तारी हो गई होती लेकिन उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था। इस वजह से वह भाग निकला है।
शुभम सिंह की मां के नाम से खरीदी गई 1.85 करोड़ रुपये की संपत्ति सील
कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री मामले में आरोपी शुभम सिंह की मां नीलम देवी के नाम से खरीदी गई अचल संपत्ति मंगलवार को सील कर दी गई। यह संपत्ति शादियाबाद के मौजा धीरजोत में है। 0.2530 हेक्टेयर भूमि की कीमत 1.85 करोड़ रुपये बताई गई है। एएसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि 13 दिसंबर को एनडीपीएस एक्ट के तहत भुड़कुड़ा कोतवाली के धीरजोतपुर निवासी शुभम सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अब उसके मां के नाम से खरीदी गई संपत्ति सील की गई है।
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कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री मामले में आरोपी शुभम सिंह की मां नीलम देवी के नाम से खरीदी गई अचल संपत्ति मंगलवार को सील कर दी गई। यह संपत्ति शादियाबाद के मौजा धीरजोत में है। 0.2530 हेक्टेयर भूमि की कीमत 1.85 करोड़ रुपये बताई गई है। एएसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि 13 दिसंबर को एनडीपीएस एक्ट के तहत भुड़कुड़ा कोतवाली के धीरजोतपुर निवासी शुभम सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अब उसके मां के नाम से खरीदी गई संपत्ति सील की गई है।
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