Varanasi News: ई-रिक्शा का चेचिस नंबर बदल कर बेचा, काली सूची में डीलर; परिवहन आयुक्त ने इसकी गोपनीय जांच
Varanasi News: परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वाहन डीलर मेसर्स शक्ति मोटर्स डायना वोल्ट विनिर्माता कंपनी की कुल 26 वाहनों का विक्रय किया गया है जो पूरी तरह संदिग्ध पाया गया। जो कंपनी बंद हो गई उसके नाम से भी वाहनों की बिक्री की गई।
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परिवहन विभाग की गोपनीय जांच में ई-रिक्शा कारोबार में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि करीब 200 ई-रिक्शों के चेचिस नंबर बदलकर उन्हें दोबारा बाजार में बेचा गया। इनमें कुछ वाहन चोरी के भी बताए जा रहे हैं। चेचिस नंबर से छेड़छाड़ कर डीलरों ने इन्हें नए वाहन के रूप में ग्राहकों को बेच दिया।
मामला सामने आने के बाद परिवहन आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। इस पूरे प्रकरण की निगरानी शासन स्तर से भी की जा रही है। परिवहन विभाग ने इस फर्जीवाड़े में शामिल डीलर प्रतीक सराफ और रवि सराफ को काली सूची में डाल दिया है।
जांच में यह भी पाया गया कि ई-रिक्शा तैयार करने में अलग-अलग कंपनियों के पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया। दूसरी कंपनी की बॉडी और अलग कंपनी के चेचिस को वेल्डिंग के जरिए जोड़कर एक नया वाहन तैयार किया गया। इस तरह एक ई-रिक्शा को तैयार करने में दो कंपनियों का ‘जुगाड़’ लगाया गया, जिससे वाहन की असल पहचान छिपाई जा सके।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वाहन डीलर मेसर्स शक्ति मोटर्स द्वारा डायना वोल्ट विनिर्माता कंपनी के नाम पर 26 वाहनों की बिक्री की गई, जो पूरी तरह संदिग्ध पाई गई। इतना ही नहीं, जिस कंपनी का संचालन बंद हो चुका है, उसके नाम पर भी वाहनों की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है।
इस पूरे मामले की शिकायत अनघ शुक्ल ने परिवहन आयुक्त को पत्र भेजकर की थी। शिकायत में एसईवी ऑटोमोटिव्स, सपना इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, शक्ति मोटर्स समेत कई डीलरों पर ई-रिक्शा रिपेयरिंग की आड़ में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के आधार पर परिवहन आयुक्त ने जांच कमेटी गठित की। एआरटीओ प्रशासन मनोज प्रसाद वर्मा, प्रधान सहायक संजय कुमार सिंह और आरआई प्रमेंद्र कुमार ने पिछले महीने शक्ति मोटर्स प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चेचिस नंबर में गड़बड़ी पकड़ी गई।

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