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UP: नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी पिता को 46 दिन में उम्रकैद, चाची के साथ थाने जाकर दर्ज कराई थी FIR; जुर्माना

Mon, 03 Aug 2026 11:54 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 03 Aug 2026 11:54 PM IST
सार

Ballia News: बलिया में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पीड़िता ने अपनी चाची के साथ थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।

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Father convicted misdeed minor daughter sentenced life imprisonment within 46 days FIR lodged in ballia
दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

UP News: अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम कांत की अदालत ने सोमवार को नाबालिग बेटी से दुष्कर्म में पिता को दोषी करार दिया। अदालत ने पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना राशि न अदा करने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। जुर्माने के 25 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। अदालत की मामले की लगातार सुनवाई की और 46 दिन में ही आदेश सुना दिया।
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सुखपुरा थाना क्षेत्र एक गांव की 15 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि 11 अप्रैल 2026 की रात पिता ने दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी चाची को दी और चाची के साथ ही थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सुखपुरा पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी। विवेचना के दौरान ही आरोपी पिता को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया था जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था।
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अभियोजन के मुताबिक 18 जून 2026 को आरोप तय किए गए। 2 जुलाई से साक्ष्य की कार्रवाई प्रारंभ हुई। अभियोजन की तरफ से चार गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष ने एक गवाह पेश किया।

अभियोजन की तरफ से कहा गया कि आरोपी ने अपनी ही बेटी के विश्वास को तार-तार किया है। दुष्कर्म जैसा जघन्य अपराध किया। यहअत्यंत गंभीर सामाजिक अपराध है। आरोपी को अधिकतम दंड मिलना चाहिए ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और साक्ष्यों को परखने के बाद अदालत ने पिता को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

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