प्लेट से लेकर स्टेज तक: पांच साल में दोगुना हुआ शादियों का बजट, सोशल मीडिया ट्रेंड ने बढ़ाया खर्च; जानें खास
Varanasi News: आधुनिकता के साथ शादियों का बजट बढ़ता जा रहा है। मंडप से लेकर स्टेज तक एक से बढ़कर एक चीजें देखने को मिल रही हैं। अब रील और शाॅर्ट्स वीडियो भी बनवाए जा रहे हैं। प्री-वेडिंग शूट के लिए कपल काशी आना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
विस्तार
वाराणसी जिले में पिछले पांच वर्षों में शादियों का बजट लगभग दोगुना हो गया है। वैवाहिक समारोह से जुड़े कारोबारी संगठनों के अनुसार, साल 2021 तक एक मध्यमवर्गीय परिवार औसतन 15 से 18 लाख रुपये में शादी समारोह करा लेता था। वहीं अब यही खर्च बढ़कर 35 से 40 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
सामानों की बढ़ती कीमत, लग्जरी सुविधाओं की मांग, सोशल मीडिया का प्रभाव और बदलती जीवनशैली ने शादी समारोहों को पहले की तुलना में खर्चीला बना दिया है। इसके अलावा ड्रोन और डिजाइनर मंडप के लिए भी लोगों को मोटी रकम देनी पड़ रही है।
वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी बताते हैं कि वर्ष 2021 के बाद शादी समारोहों में ग्रैंड सेलिब्रेश का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। पहले जहां परिवार सीमित मेहमानों और पारंपरिक व्यवस्थाओं पर जोर देते थे, वहीं अब डेस्टिनेशन थीम, डिजाइनर डेकोरेशन, प्री-वेडिंग शूट, लाइव म्यूजिक, सेलिब्रिटी स्टाइल एंट्री और मल्टी-कुजीन फूड जैसी सुविधाएं आम होती जा रही हैं। इससे बजट बढ़ गया है।
वाराणसी टेंट एसोसिएशन के प्रवक्ता राजेश श्रीवास्तव बताते हैं कि पांच साल में लॉन के किराए लगभग दोगुने हो चुके हैं। 2021 में जो बैंक्वेट हॉल 1 से 1.25 लाख रुपये में मिल जाते थे, अब उन्हीं के लिए 2.5 से 6.5 लाख रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। इसके अलावा प्राइम लोकेशन जैसे घाट, रेलवे स्टेशन, वीआईपी क्षेत्र में लॉन और होटल की कीमतें इससे 15-35 फीसदी ज्यादा हो गई हैं।
सजावट, लाइटिंग और साउंड सिस्टम के खर्च में भी 40 से 60 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। शिवपुर के डेकोरेटर मनोज कुमार बताते हैं कि पहले जो स्टेज और मंडप पहले 1-1.5 लाख रूपये के पैकेज में दिया जाता था। उसकी कीमत अब 1.25 लाख से 2 लाख हो गई है।
2500 रुपये प्रति प्लेट तक मिडिल क्लास कर रहा खर्च
कैटरिंग सेक्टर पर भी महंगाई का बड़ा असर पड़ा है। कैटरर शरद श्रीवास्तव बताते हैं कि पांच वर्ष पहले तक मिडिल क्लास परिवार की शादियों में प्रति प्लेट भोजन की कीमत 600 से 1500 रुपये के बीच होती थी। अब अच्छे आयोजनों में कीमत 1000 से 2500 रुपये प्रति प्लेट तक पहुंच चुकी है। मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स और विदेशी व्यंजनों की मांग बढ़ने से खर्च और बढ़ रहा है।
इसके अलावा सोना-चांदी के दाम बढ़ने से खर्च कई गुना बढ़ा है। सराफा कारोबारी बताते हैं कि पांच साल में सोने और चांदी की कीमतें दोगुने से ज्यादा बढ़ी हैं। वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सेठ बताते हैं कि पहले मध्यमवर्गीय परिवार में लोग बेटी और बहू के लिए 8-10 लाख रूपये के गहने बड़े आराम से बनवाते थे। लेकिन अब वही जेवर 20-25 लाख में बनवा रहे हैं।
एक नजर में आंकड़ें
- मद : वर्ष 2021 का खर्च (औसत)- वर्तमान खर्च (औसत/अनुमानित)
- कुल शादी का बजट : 15 से 18 लाख - 35 से 40 लाख लॉन/बैंक्वेट हॉल
- किराया - 1 से 1.25 लाख - 2.5 से 6.5 लाख
- कैटरिंग (प्रति प्लेट) : 600 से 1500 - 1000 से 2500
- आभूषण (जेवर) : 8 से 10 लाख - 20 से 25 लाख
- डेकोरेशन (स्टेज/मंडप) : 1 से 1.5 लाख - 1.25 से 2 लाख
- फोटो/ वीडियोग्राफी : सामान्य पैकेज - 50,000 से - 1.25 लाख।
रील के लिए 50 हजार से 1.25 लाख रुपये तक चार्ज
फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी ने भी लोगों के शादी के बजट में बढ़ोतरी की है। फोटोग्राफर साहिल सिंह बताते हैं कि सिनेमैटिक वीडियो, ड्रोन शूट और सोशल मीडिया रील्स के लिए प्रोफेशनल टीम 50 हजार से 1.25 लाख रुपये तक का पैकेज दे रही हैं। इसमें प्री-वेडिंग से लेकर शादी तक की रस्मों की फोटो और रील बनाई जा रही है।