Varanasi Weather: काशी में पारा 34.3 डिग्री, आज-कल आंधी-बारिश का यलो अलर्ट; 30 किमी प्रति घंटे बही पुरवा हवा
Varanasi News: वाराणसी में दो दिनों से माैसम में थोड़ी राहत है। इस वजह से घाट और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ देखी गई। सोमवार की सुबह बनारस के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हुई है।
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Varanasi News: काशी में मौसम ने राहत भरा रुख अख्तियार कर लिया है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार के लिए आंधी के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को ही इसका असर देखने को मिला, जब पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। धूप निकली जरूर, लेकिन उसकी तपिश कम रही।
रविवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.1 डिग्री कम है। वहीं पुरवा हवा लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य के आसपास बना रहा।
मई के शुरुआती दिनों में ही इस तरह का सुहावना मौसम लोगों को राहत दे रहा है। आमतौर पर इस समय तक तेज धूप और लू का असर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार मौसम ने अलग ही रुख दिखाया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश होने पर अधिकतम तापमान में और गिरावट आएगी और यह 30 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आया है। पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास चक्रवाती स्थिति बनी हुई है, जिसका प्रभाव पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत काशी क्षेत्र में देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने 9 मई तक बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। मई महीने में सामान्यतः दिन का औसत अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री और रात का औसत 25.7 डिग्री सेल्सियस रहता है।
तेज हवा के चलते गंगा में दोपहर बाद बंद रहा नौका संचालन
वाराणसी। तेज हवाओं के कारण रविवार दोपहर बाद गंगा में नौका संचालन पर रोक लगा दी गई। दोपहर करीब 2 बजे के बाद नमो घाट से रविदास घाट तक जल पुलिस ने गश्त कर छोटी नावों और मोटरबोट के संचालन को प्रतिबंधित कर दिया। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि सोमवार को भी मौसम की स्थिति प्रतिकूल रही, तो नौका संचालन बंद ही रहेगा।
एसीपी जल पुलिस व दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि हवा की रफ्तार तेज होने के साथ दिशा भी विपरीत थी, जिससे नाव संचालन जोखिम भरा हो गया था। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियातन यह कदम उठाया गया। उन्होंने बताया कि सभी नाविकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी नाव गंगा में न उतारी जाए।
