Gyanvapi ASI Survey: सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एएसआई ने तीसरी बार मांगा समय, कोर्ट में दी ये दलीलें
जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत के आदेश से ज्ञानवापी में 24 जुलाई को एएसआई ने सर्वे शुरू किया था। दो नवंबर को एएसआई की ओर से भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल अमित कुमार श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि सर्वे का काम पूरा हो गया है।
विस्तार
ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने मंगलवार को तीसरी बार अतिरिक्त समय की मांग की है। जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर एएसआई की ओर से कहा गया कि सर्वे रिपोर्ट जमा करने के लिए तीन सप्ताह का समय और दिया जाए। अधिवक्ता बासुदेवी चौधरी के निधन पर पारित शोक प्रस्ताव के कारण एएसआई के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई नहीं हो सकी। जिला जज की अदालत एएसआई के प्रार्थना पत्र पर बुधवार को सुनवाई करेगी।
जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत के आदेश से ज्ञानवापी में 24 जुलाई को एएसआई ने सर्वे शुरू किया था। दो नवंबर को एएसआई की ओर से भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल अमित कुमार श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि सर्वे का काम पूरा हो गया है। रिपोर्ट तैयार करने में समय लगेगा। इसलिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाए। अदालत ने एएसआई का अनुरोध स्वीकार कर लिया। 18 नवंबर को एएसआई की ओर से रिपोर्ट पेश करने के लिए एक बार फिर 15 दिन के अतिरिक्त समय की मांग की गई। इस पर अदालत ने 10 दिन की मोहलत दी। मंगलवार को तीसरी बार एएसआई ने सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग अदालत से की।
एएसआई की दलील
- एएसआई की ओर से कहा गया कि वैज्ञानिक अध्ययनों और क्षेत्र के अवलोकन के माध्यम से एकत्र किए गए सभी डेटा का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया जा रहा है। फील्ड टीम एक विस्तृत और सचित्र सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, उसमें हर पहलू को शामिल किया गया है। विभिन्न विशेषज्ञ टीमों द्वारा किए गए व्यवस्थित अध्ययनों के आधार पर सर्वेक्षण रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए आवश्यक क्रॉसचेक, सत्यापन, सहसंबंध और निष्कर्षों का संकलन प्रक्रियाधीन है।
- एएसआई के विशेषज्ञ कार्बनिक और अकार्बनिक दोनों प्रकार की विभिन्न सामग्रियों के सैकड़ों नमूनों के रासायनिक विश्लेषण की व्याख्या करने और विभिन्न तत्वों के अध्ययन के माध्यम से उनकी प्रकृति, संरचना को समझने का प्रयास करने के लिए काम कर रहे हैं।
- ग्राउंड पेनिट्रेशन रडार (जीपीआर) जांच करने वाली सीएसआईआर-एनजीआरआई टीम द्वारा तैयार की गई छवियों की व्याख्या करने के लिए एएसआई विशेषज्ञ मेहनत कर रहे हैं। विशेषज्ञों की टीम ने जीएसएसआई-निर्मित 200 मेगाहर्ट्ज, 400 मेगाहर्ट्ज और 900 मेगाहर्ट्ज जीपीआर एंटीना का उपयोग करके सैकड़ों (छोटे-बड़े) प्रोफाइल पर विशाल जीपीआर डेटा तैयार किया है। डिजिटल रूपों में परावर्तक विद्युत चुंबकीय ऊर्जा द्वारा उत्पादित उच्च-रिजॉल्यूशन उप सतह छवियों के इस विशाल डिजिटल डेटा को विशेषज्ञों के साथ चर्चा में सार्थक परिणामों के लिए उचित विश्लेषण और बहुत सावधानीपूर्वक व्याख्या की आवश्यकता होती है, जिसमें समय लग रहा है।
- पुरातत्वविदों, पुरालेखविदों, रसायनज्ञों, सर्वेक्षणकर्ताओं, भू-भौतिकी विशेषज्ञों आदि द्वारा एकत्र किए गए विभिन्न प्रकार के डेटा को एक अनौपचारिक तरीके से सहसंबंधित करने के लिए अपने कैंप कार्यालय में एएसआई विशेषज्ञ कड़ी मेहनत कर रहे हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और विभिन्न उपकरणों द्वारा विभिन्न रूपों में उत्पन्न जानकारी का समामेलन एक कठिन और धीमी प्रक्रिया है।