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Gyanvapi: ज्ञानवापी में एएसआई सर्वे रोकने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई टली, हिंदू पक्ष ने दाखिल की है आपत्ति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 22 Aug 2023 09:35 AM IST
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सार

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में चल रहे एएसआई सर्वे को रोकने के लिए मुस्लिम पक्ष ने जिला अदालत में याचिका दाखिल की थी। इसमें हिंदू पक्ष की चार महिला वादिनी के अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन ने आपत्ति दाखिल कर दी है। मामले की सुनवाई आज होनी थी लेकिन टल गई। 

Gyanvapi ASI survey hearing on petition demanding to stop Hindu side filed objection
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से ज्ञानवापी परिसर का एएसआई सर्वे रोकने की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत कर रही है। मसाजिद कमेटी की तरफ से कहा गया है कि एएसआई सर्वे के लिए फीस नहीं जमा की गई है। इस पर हिंदू पक्ष की चार महिला वादिनी के अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन ने आपत्ति दाखिल कर दी है।

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इसमें कहा गया कि मसाजिद कमेटी की तरफ से यह मुद्दा हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में भी उठाया गया था, जिसमें कोई राहत नहीं मिली थी। आवेदन ख़ारिज करने योग्य है। बता दें कि चार महिला वादिनी के आवेदन पर जिला जज की अदालत ने 21 जुलाई को ज्ञानवापी में एएसआई सर्वे का आदेश दिया था। इसके खिलाफ मसाजिद कमेटी हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट गई थी, लेकिन राहत नहीं मिल सकी।

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मसाजिद कमेटी की दलील

अब दोबारा जिला जज की अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मसाजिद कमेटी का कहना है कि एएसआई सर्वे में आ रहे खर्च की फीस नहीं जमा कराई गई है। बिना फीस जमा किए ही सर्वे किया जा रहा है, जो कानून के खिलाफ है। सर्वे के लिए एएसआई को रिट नहीं जारी की गई और न लिखित रूप से सर्वे की जानकारी दी गई। सर्वे कानूनी प्रावधान के विपरीत है।

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दो और मामलों में भी सुनवाई टली

ज्ञानवापी से जुड़े श्रृंगार गौरी मूल वाद में वादिनी राखी सिंह की तरफ से प्रतीक चिन्हों, देव विग्रहों को सुरक्षित व संरक्षित करने के आवेदन पर मंगलवार को सुनवाई टल गई।  यह मामला भी जिला जज की अदालत में विचाराधीन है। इसके जरिये ज्ञानवापी परिसर में मसाजिद कमेटी के पदाधिकारियों का प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग भी की गई है।

वहीं, ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंग जैसी आकृति को आदि विश्वेश्वर बताते हुए पूजा-अर्चना की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। यह मामला सिविल जज शिखा यादव की अदालत में विचाराधीन है। शहर के शैलेंद्र योगीराज ने अधिवक्ता डॉ. एसके द्विवेदी व भूपेंद्र सिंह के जरिये अदालत का दरवाजा खटखटाया है। 

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