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ज्ञानवापी पर कोर्ट रूम का हाल: जिला जज के आते ही पसरा सन्नाटा, सात मिनट तक पढ़ा आदेश, हर हर महादेव से गूंजा...

Sat, 22 Jul 2023 07:51 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sat, 22 Jul 2023 07:51 AM IST
सार

ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे की मांग वाले आवेदन पर आदेश को लेकर सुबह से हिन्दू और मुस्लिम पक्षकार कचहरी पहुंच गए थे। हिन्दू पक्ष की ओर से चारों महिला वादिनी सीता शाहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास व लक्ष्मी देवी के पैरोकार सोहनलाल आर्य, अधिवक्ता सुभाषनंदन चतुर्वेदी, सुधीर त्रिपाठी, दीपक सिंह, मदनमोहन यादव और राखी सिंह की तरफ से एडवोकेट मानबहादुर सिंह व अनुपम द्विवेदी पहुंचे थे।

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Gyanvapi ASI Survey: The district judge read the order for seven minutes, as soon as he came out of the court
ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे - फोटो : self

विस्तार

अपराह्न चार बजे जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश जैसे ही अपने चेंबर में पहुंचे तो ठसाठस भरे कोर्ट रूम में सन्नाटा पसर गया। जिला जज ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में सबसे पहले बताया कि आवेदन संख्या 327सी और 330सी को स्वीकार कर लिया गया है। साथ ही आपत्ति आवेदन 332सी, 334सी और 336सी को खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं, आदेश पढ़कर सुना रहा हूं। उन्होंने आदेश का ऑपरेटिव पोर्शन खुले न्यायालय में छह मिनट 57 सेकेंड में पढ़कर मौजूद लोगों को सुनाया।

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यह भी पढ़ें- Gyanvapi ASI Survey: 'औरंगजेब के फरमान से टूटा था आदिविश्वेश्वर का मंदिर', पढ़ें- हिंदू-मुस्लिम पक्ष की दलीलें

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जिला जज की अदालत में शुक्रवार को ज्ञानवापी के एएसआई से सर्वे की मांग के आवेदन पर आदेश सुनाए जाने को लेकर कचहरी में सुबह से गहमागहमी रही। अपराह्न साढ़े तीन बजे आदेश सुनाए जाने की जानकारी मिली तो मामले से जुड़े लगभग सभी पक्षकर कोर्ट रूम में पहुंच गए। जिला जज के कोर्ट रूम में आते ही पूरे रूम में खामोशी छा गई। जिला जज का आदेश सुनने के बाद दोनों पक्ष शांतिपूर्ण तरीके से बाहर निकले और इसके बाद कचहरी परिसर में हर हर महादेव का नारा गूंजने लगा। हिंदू पक्षकारों ने एक दूसरे को गले मिलकर बधाई दी। महिला वादिनी सीता साहू, रेखा पाठक, लक्ष्मी देवी और मंजू व्यास खुशी उछल पड़ीं और कहा कि अब आदिविश्वेश्वर मिल जाएंगे। एएसआई से सर्वे का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आदेश सुनाए जाने के बाद एएसआई से सर्वे पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। इस दौरान न्यायालय परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और मीडिया को गेट से बाहर ही रोक दिया गया था।

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Gyanvapi ASI Survey: The district judge read the order for seven minutes, as soon as he came out of the court
ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे - फोटो : सोशल मीडिया

निराश दिखा मुस्लिम पक्ष

दूसरी तरफ, मुस्लिम पक्ष के लोग निराश दिखे और खामोशी से अपने अधिवक्ता के चेंबर की तरफ चले गए। वहां उनके चेहरे पर निराशा का भाव दिखा।

सुबह ही कचहरी पहुंच गए थे दोनों पक्ष

ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे की मांग वाले आवेदन पर आदेश को लेकर सुबह से हिन्दू और मुस्लिम पक्षकार कचहरी पहुंच गए थे। हिन्दू पक्ष की ओर से चारों महिला वादिनी सीता शाहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास व लक्ष्मी देवी के पैरोकार सोहनलाल आर्य, अधिवक्ता सुभाषनंदन चतुर्वेदी, सुधीर त्रिपाठी, दीपक सिंह, मदनमोहन यादव और राखी सिंह की तरफ से एडवोकेट मानबहादुर सिंह व अनुपम द्विवेदी पहुंचे थे। इसके अलावा जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल महेंद्र पांडेय, प्रदेश सरकार के अधिवक्ता राजेश मिश्र, भारत सरकार के अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अधिवक्ता रमेश उपाध्याय और अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से रईस खान और तौहीद खान समेत काफ़ी संख्या में वकील आदेश सुनाए जाने के वक्त मौजूद रहे।

सोशल मीडिया पर छाया ज्ञानवापी

जिला जज की अदालत के फैसले के साथ ही ज्ञानवापी का ममाला सोशल मीडिया पर छा गया। ज्ञानवापी हैशटैग के साथ टॉप ट्रेंड में रहा। मामले से संबंधित अदालत का आदेश भी लोगों के मोबाइल फोन तक व्हाट्स एप के जरिये पहुंचा है। काशी के गली, नुक्कड़ व चौराहों पर फैसले पर चर्चा होती दिखी।

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