आईआईटी बीएचयू: वैज्ञानिकों ने बिना सूचना दाखिल किए पेटेंट, संस्थान सख्त; नई गाइडलाइंस हुई जारी
Varanasi News: आईआईटी बीएचयू को सूचित किए बिना ही वैज्ञानिकों ने पेटेंट दाखिल किया। इस पर संस्थान सख्त हो गया है। अब नई गाइडलाइंस जारी की गई है।
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आईआईटी बीएचयू के कुछ प्रोफेसरों ने संस्थान को सूचित किए बिना ही पेटेंट फाइल कर दिया। उन्होंने ये पेटेंट भारतीय पेटेंट कार्यालय या बाहरी पेटेंट अटॉर्नी व एजेंट के माध्यम से सीधे से दाखिल किए हैं। इसकी पूर्व सूचना संस्थान के बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) सेल को नहीं दी गई। इसका पता चलते ही संस्थान की ओर से पेटेंट आवेदन की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया गया है।
अब बिना आईपीआर सेल की मंजूरी के दाखिल किए गए पेटेंट की 15 दिनों में 15 तरह की जानकारियां देनी होंगी। आईआईटी बीएचयू के अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) कार्यालय की ओर से विभागों और संकायों को अधिसूचना जारी कर गाइडलाइंस का पालन करने को कहा गया है। कहा है कि प्रक्रिया पालन न करने पर आईपीआर नीति के तहत प्रशासनिक कार्रवाई होगी, वहीं पेटेंट विवाद हुआ तो फिर संस्थान उसका जिम्मेदार नहीं होगा।
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इस अधिसूचना में बताया गया है कि संस्थान की आईपीआर नीति और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आईआईटी में किए गए शोध या संस्थान के संसाधनों, लैब, फंड या कर्मचारियों की सहायता से तैयार किसी भी आविष्कार से संबंधित सभी पेटेंट आवेदन अब आईपीआर सेल के माध्यम से ही भेजे जाएंगे। आईपीआर सेल की ओर से जांच, प्रक्रिया और स्वीकृति के बाद ही उन्हें पेटेंट कार्यालय में दाखिल किया जा सकेगा।
फंड देने वाली एजेंसी के बारे में भी बताना होगा
संस्थान ने सभी शिक्षकों से कहा है कि यदि उन्होंने पूर्व में बिना आईपीआर सेल को सूचित किए कोई पेटेंट आवेदन दाखिल किया है तो वे 15 दिनों के भीतर उसकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। इसमें पेटेंट आवेदन संख्या, आविष्कार का शीर्षक, आविष्कारकों और आवेदकों के नाम, आवेदन की तिथि, पेटेंट अटॉर्नी या एजेंट का विवरण, फंड देने वाली एजेंसी या परियोजना की जानकारी, आवेदन की वर्तमान स्थिति, अंतिम दस्तावेजों की फोटोकॉपी, क्लेम कॉपी, ड्राइंग और ग्रांट प्रमाणपत्र सहित अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल होंगे।