भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन का त्यौहार आने को है। इस बार रक्षाबंधन पर महंगाई का साया भी छाया हुआ है। महंगाई की वजह से राखी की खरीदारी पर भी इसका प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है। कारोबारियों का कहना है कि महंगाई के कारण इस बार बाजार भी कुछ हल्का नजर आ रहा है। अब रक्षाबंधन में अब कुछ ही दिन बाकी है, लेकिन इन दो दिनों में कारोबार में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। जहां एक बार बाजारों में महंगाई की मार है, वहीं ऑनलाइन बाजार भी दुकानदारों के लिए समस्या बना हुआ है।
दूध व खोया हुआ महंगा
दूध व खोया हुआ महंगा
मिठाई विक्रेता ज्ञानेश्वर रस्तोगी ने बताया कि में 55-60 रुपये में मिलने वाले दूध का दाम 70-75 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस वजह से मिठाईयों के दाम में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि रिफाइंड व डालडा घी के दाम बढ़ने से भी मिठाइयों के दाम में वृद्धि हुई है। काजू की बर्फी 900 रुपये किलो तो बेसन के लड्डू 400 व बूंदी के लड्डू 260 रुपये किलो मिल रहे हैं।
10 से 15 फीसदी महंगी हुई राखियां
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बाजार में सजने लगीं राखियों की दुकान
- फोटो : अमर उजाला
10 से 15 फीसदी महंगी हुई राखियां
रक्षाबंधन को लेकर राखियों का बाजार 15 दिन पहले ही सज चुका है। होलसेल मार्केट में राखियों का माल तो है, लेकिन उनकी डिमांड सामान्य है। इसका कारण राखियोें के बढ़े दाम बताए जा रहे हैं। राखी कारोबारी नंदलाल अरोड़ा ने बताया कि माल तो पहले ही काफी मंगाया जा चुका था। लेकिन डिमांड उस हिसाब से नहीं आ रही है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार राखियों के दामों में भी 10 से 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। कच्चा माल महंगा होने के कारण छोटी से लेकर बड़ी राखियों के दामों में उछाल आया है।
रक्षाबंधन पर कपड़ा व्यापार में भी महंगाई
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कपड़े की दुकान से खरीदारी करते ग्राहक
- फोटो : अमर उजाला
रक्षाबंधन पर कपड़ा व्यापार में भी महंगाई
राखी पर बहनें नए परिधानों की खरीदारी करती हैं, ऐसे में कपड़ा बाजार में भी महंगाई की वजह से त्योहार फीका होने वाला है। महमूरगंज स्थित फैशन स्टोर के संचालक गौरी धानुका ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार साड़ी और सूट महंगे हुए हैं।
ऑनलाइन ऑफर ने बिगाड़ा खेल
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ऑनलाइन ऑफर
- फोटो : Istock
ऑनलाइन ऑफर ने बिगाड़ा खेल
पहले जहां डिजाइनर सिल्क का कुर्ता 1500 से 2000 की रेंज में था। वह अब 2500 से तीन हजार तक बिक रहा है। ऑनलाइन कपड़ा बाजार में ऑफर के चलते भी ग्राहक दुकानों पर अब कम आ रहे हैं।