UP: घायल लाइनमैन की मौत, सपा नेता बोले- हादसा नहीं हत्या हुई है; शव रखकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
Mau News: मऊ के टेसूपार क्षेत्र में जर्जर बिजली पोल गिरने से घायल लाइनमैन की माैत के बाद में परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर जाम लगा दिया। प्रशासन और बिजली विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को साढ़े सात लाख रुपये आर्थिक सहायता तथा पत्नी को नौकरी दिलाने का आश्वासन दिए जाने के बाद लोगों ने जाम समाप्त कर दिया।
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UP News: मऊ के टेसूपार में जर्जर पोल से गिर कर गंभीर रूप से घायल बिजली संविदा कर्मी संदीप यादव(35) की मंगलवार की देर रात आजमगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गयी। बुधवार को जैसे संदीप का शव उसके गांव टेसूपार पहुंचा, यहां परिजन संग ग्रामीणों ने उसका शव को मुहम्मदपुर-अमिला मार्ग पर रख कर सडक जाम कर दिया।
दो घंटे बाद पहुंचे बिजली निगम के अधिकारियों ने साढ़े सात लाख का आर्थिक मदद और मृतक की पत्नी को नौकरी देने के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ। जिसके बाद घोसी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बताते चले कि टेसूपार विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांव में मंगलवार की दोपहर 33 केवीए के ढीले तार को टाइट करते समय अचानक पोल टूट कर ज़मीन पर आ गिरा था। हादसे में संविदा पर तैनात बिजली कर्मी संदीप यादव (35) पुत्र स्वर्गीय शिवनाथ यादव निवासी टेसूपार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिनकी इलाज के दौरान देर रात मौत हो गयी। बुधवार को टेसूपार विद्युत उपकेंद्र पर ग्रामीणों की बड़ी भीड़ इकठ्ठा हो गयी।
परिजनों में मचा कोहराम
इस बीच, घोसी के पूर्व ब्लाक प्रमुख सपा नेता सुजीत सिंह ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि यह दुर्घटना नहीं हत्या है। आखिर 40-50 साल पुराने बिजली के खम्भे पर लाइनमैन को जबरदस्ती क्यों चढ़ाया गया। इसमें दोषी जेई एवं अन्य अधिकारियों पर भी कार्यवाही हो। उधर ग्रामीणों ने शव को रखकर जाम लगा दिया।
ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। लोगों का कहना था कि भरी दोपहर में लाइनमैन को 40-50 साल पुराने जर्ज़र पोल पर चढ़ाया गया था जबकि 33 हजार केवीए के लाइन को ठीक करने की ज़िम्मेदारी उपकेंद्र पर तैनात कर्मी की नहीं होती है। फिर भी अवर अभियंता द्वारा जबरन ऐसा किया गया और यह हादसा हो गया।
आक्रोशित ग्रामीण अवर अभियंता को हटाने के साथ उस पर एफआईआर की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के एसई ने लिखित आश्वासन दिया कि परिवार को विभाग द्वारा 7.5 लाख की आर्थिक मदद दी जाएगी। पेंशन दिए जाने की भी व्यस्था की जाएगी। उन्होंने यहाँ तैनात अवर अभियंता को भी यहां से हटाए जाने की बात कही जिसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने मैन सफल हो पायी।