काशी विद्यापीठ के मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान और विश्व संवाद केंद्र की ओर से हुई संगोष्ठी में वक्ताओं ने समाज और मीडिया विषय पर अपनी बात रखी। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र तिवारी ने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन में पत्रकारिता लोगों को एकजुट करने और ब्रिटिश हुकूमत का विरोध दर्ज कराने का माध्यम थी। संवाद तर्क है, विवाद नहीं। खुले मन से संवाद करना ही पत्रकारिता है।
संगोष्ठी में जितेंद्र तिवारी ने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन में पत्रकारिता एक हथियार बन गई थी, जिसने ब्रिटिश हुकूमत के नाक में दम कर दिया था। अपने को खोजना ही नारद जी की पत्रकारिता है। हमें जन से जुड़ना होगा। एक पृथ्वी एक परिवार भारत का मूल मंत्र है। अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि हमें गलत विचारों का त्याग करना होगा। नारद जीवन देने वाले हैं। हमें नारद के गुणों को प्रचारित करना होगा। यहीं, भविष्य की पत्रकारिता है। इस दौरान पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया। स्वागत विश्व संवाद केंद्र, काशी न्यास के सचिव प्रदीप कुमार, विषय प्रस्थापना काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अत्रि भारद्वाज, संचालन डॉ. अम्बरीष राय और धन्यवाद ज्ञापन विश्व संवाद केंद्र काशी प्रांत के अध्यक्ष डॉ. हेमंत गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डाॅ. नागेंद्र कुमार सिंह, प्रो. अमिता सिंह, कुलानुशासक प्रो.केके सिंह मौजूद रहे।