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उपलब्धि: चीन को उसी की धरती पर हराकर सब इंस्पेक्टर काशी के सूरज ने वुशू में भारत को दिया कांस्य
Tue, 30 Jun 2026 03:00 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 03:00 PM IST
सार
Varanasi News: वुशु सांडा टूर्नामेंट के 70 किलोग्राम भार वर्ग में काशी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सूरज यादव ने जीत हासिल की। उन्होंने चीन में तिरंगा लहराकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
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विजेता खिलाड़ियों के साथ काशी के सूरज (दाएं)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
काशी के अंतरराष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी सूरज यादव ने चीन के खिलाड़ी को उसी की धरती शंघाई में पटकनी देकर भारत को कांस्य पदक दिलाया। शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) वुशु सांडा टूर्नामेंट के 70 किलोग्राम भार वर्ग में सूरज ने ये उपलब्धि हासिल की।
जीत के बाद पदक लेने प्रतियोगिता के पोडियम पर पहुंचे सूरज ने तिरंगा लहराकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कांस्य पदक जीतने के बाद उन्हें 40 हजार रुपये का पुरस्कार भी मिला। वाराणसी के परेड कोठी निवासी सूरज यादव यूपी पुलिस में एसआई है। इनकी पोस्टिंग प्रयागराज में है।
इसी महीने उनका चयन जापान में एशियन गेम्स के लिए हुआ था। यह अक्तूबर में होना है। अभी तक सूरज ने 2023 और 2025 में मॉस्को इंटरनेशनल वुशु चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीते। वहीं, 2023 एशियन गेम्स में भी वह पांचवें स्थान पर रहे।
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जीत के बाद पदक लेने प्रतियोगिता के पोडियम पर पहुंचे सूरज ने तिरंगा लहराकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कांस्य पदक जीतने के बाद उन्हें 40 हजार रुपये का पुरस्कार भी मिला। वाराणसी के परेड कोठी निवासी सूरज यादव यूपी पुलिस में एसआई है। इनकी पोस्टिंग प्रयागराज में है।
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इसी महीने उनका चयन जापान में एशियन गेम्स के लिए हुआ था। यह अक्तूबर में होना है। अभी तक सूरज ने 2023 और 2025 में मॉस्को इंटरनेशनल वुशु चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीते। वहीं, 2023 एशियन गेम्स में भी वह पांचवें स्थान पर रहे।
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चीन के खिलाड़ी को पंच मारता खिलाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
ट्रेनिंग के बाद सितंबर में जाएंगे जापान
सूरज ने बताया कि जब तक वुशु ओलंपिक में शामिल नहीं हो जाता है, तब तक एशियन गेम्स में पदक जीतना मेरा लक्ष्य है। एशियन गेम्स की तैयारी चीन की राजधानी बीजिंग में होगी। अब शंघाई से बीजिंग रहकर एक महीने की ट्रेनिंग पूरी करनी है। जुलाई के बाद अगस्त में भारत में कैंप चलेगा। यहां ट्रेनिंग बनारस में पूरी की जाएगी। इसके बाद सितंबर में जापान निकल जाएंगे। सूरज को पदक जिताने में उनके कोच कश्मीर के कुलदीप और मेरठ के अमित पाल ने मदद की।
सूरज ने बताया कि जब तक वुशु ओलंपिक में शामिल नहीं हो जाता है, तब तक एशियन गेम्स में पदक जीतना मेरा लक्ष्य है। एशियन गेम्स की तैयारी चीन की राजधानी बीजिंग में होगी। अब शंघाई से बीजिंग रहकर एक महीने की ट्रेनिंग पूरी करनी है। जुलाई के बाद अगस्त में भारत में कैंप चलेगा। यहां ट्रेनिंग बनारस में पूरी की जाएगी। इसके बाद सितंबर में जापान निकल जाएंगे। सूरज को पदक जिताने में उनके कोच कश्मीर के कुलदीप और मेरठ के अमित पाल ने मदद की।
काशी में एक साल में उभरेंगे वुशु प्लेयर
सूरज ने बताया कि काशी में अभी कम वुशु खिलाड़ी हैं, लेकिन अगले एक साल के अंदर काशी के कई खिलाड़ी देश-विदेश में मेडल जीतते दिखेंगे। दो एकेडमी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहीं हैं। शामली में कई खिलाड़ियों ने शानदार पदक जीते। साल 2023 के एशियन गेम्स में पदक के बेहद करीब पहुंच गए थे। लेकिन घुटने की गंभीर चोट के कारण उन्हें पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा। दो बड़ी सर्जरी और पुनर्वास के बाद फिर से रिंग में उतरे।
सूरज ने बताया कि काशी में अभी कम वुशु खिलाड़ी हैं, लेकिन अगले एक साल के अंदर काशी के कई खिलाड़ी देश-विदेश में मेडल जीतते दिखेंगे। दो एकेडमी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहीं हैं। शामली में कई खिलाड़ियों ने शानदार पदक जीते। साल 2023 के एशियन गेम्स में पदक के बेहद करीब पहुंच गए थे। लेकिन घुटने की गंभीर चोट के कारण उन्हें पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा। दो बड़ी सर्जरी और पुनर्वास के बाद फिर से रिंग में उतरे।