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Varanasi Crime: बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को उम्रकैद, तीन साल बाद आया फैसला; जानें- पूरा मामला

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 14 May 2026 12:45 PM IST
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सार

Varanasi Crime News: जिले के कैंट थाना क्षेत्र की घटना है। तीन वर्ष पूर्व कैंट थाने में पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शुरुआत में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में छानबीन करने पर दुष्कर्म के बाद हत्या की बात सामने आई थी। मामले में तीन साल बाद फैसला आया है। 

Life imprisonment for person convicted of molestation and murdering girl in varanasi
Court room - फोटो : Freepik
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विस्तार

वाराणसी कैंट थाना क्षेत्र में करीब 12 वर्षीय बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के जघन्य मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नितिन पांडेय की अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने फुलवरिया (कैंट) निवासी अभियुक्त सनोज उर्फ राहुल को दोषी पाते हुए 62 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह ने घटना से जुड़े पुख्ता साक्ष्य और गवाहों के बयान पेश किए।

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अभियोजन के अनुसार, पीड़िता के पिता ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी लगभग 12 वर्षीय पुत्री 1 मार्च 2023 की सुबह करीब 10 बजे घर के बाहर खेलने निकली थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमों ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने फुलवरिया निवासी सनोज उर्फ राहुल को हिरासत में लिया। पूछताछ और साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त ने बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद, पकड़े जाने के डर से उसने गला दबाकर बच्ची की हत्या कर दी। 

पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल 11 गवाहों को परीक्षित कराया गया। गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया।

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अदालत की टिप्पणी
विशेष न्यायाधीश ने अपने फैसले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि नाबालिग बच्ची के साथ किया गया यह अपराध अत्यंत गंभीर और समाज को झकझोर देने वाला है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया। वहीं, कानूनी विशेषज्ञों ने इसे जघन्य अपराधों के खिलाफ समाज में एक कड़ा संदेश बताया है।
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