मिलिए एक और मांझी से, पत्नी की ख्वाहिश पूरी करने के लिए 72 साल की उम्र में की एलएलबी की पढ़ाई
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कहते हैं कि जब सिर कुछ करने का जुनून हो तो उम्र बाधा नहीं बन पाती। वाराणसी के महामनापुरी लंका निवासी 72 वर्षीय इंजीनियर सुरेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने यह साबित करके दिखाया। उन्होंने 69 साल की उम्र में एलएलबी की पढ़ाई के लिए प्रवेश लिया। पांच सेमेस्टर तक 64 फीसदी अंक प्राप्त किया। इस वर्ष अक्तूबर महीने में अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा दी है। सुरेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम से सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर के पद से 2012 में सेवानिवृत्त हुए है।
सुरेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि बीएससी पास करने के बाद एलएलबी करने की इच्छा थी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया था। लेकिन घरवालों के मना करने के कारण उन्होंने सन 1971 में बीएचयू के आईटी डिपार्टमेंट में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और 1975 में बीटेक की परीक्षा पास की। उसी साल विद्युत विभाग में सहायक अभियंता के पद पर ओबरा में कार्यभार ग्रहण कर लिया था।
बताया कि वर्ष 2017 में राजनारायण विधि महाविद्यालय गंगापुर में प्रवेश लिया और पढ़ाई प्रारंभ की। बताया कि महाविद्यालय जाने और क्लास लेने तथा परीक्षा देने में उम्र अधिक होने को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई।
नए उम्र के लड़कों के साथ बढि़या सामंजस्य बन गया था सब उनके साथी बन बन गए थे। बताया कि हर व्यक्ति को ला की जानकारी रखनी चाहिए। इस कोर्स को उन्होंने अपनी इच्छा पूर्ति के लिए किया है। इस कोर्स का अध्ययन उन्होंने आर्थिक उद्देश्य के लिए नहीं किया है।
सुरेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि उनकी इच्छा किशोरावस्था से ही एलएलबी करने की थी। लेकिन पत्नी की मौत के बाद उसकी स्मृति में उन्होंने यह पढ़ाई पूरी की। बताया कि 1971 में लॉ में एडमिशन लेने के बाद घर के लोगों ने कहा था कि लॉ करने वालों का शादी ब्याह नहीं होता।
बताया कि पत्नी का निधन 2015 में हो गई थी। एक बेटा गूगल कंपनी में नौकरी करता है। श्री त्रिपाठी मूल रूप से खानपुर मिर्जापुर के रहने वाले हैं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटर की शिक्षा राजकीय इंटर कॉलेज जक्खिनी से प्राप्त किया।