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Magh Purnima 2026: सात साल बाद 7 महायोग, पुष्य नक्षत्र में लगाएंगे पुण्य और आस्था की डुबकी; फलदायी हैं ये योग

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 31 Jan 2026 01:45 PM IST
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सार

Magh purnima 2026: माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन करने करने से सुख, सौभाग्य और मन की शांति में वृद्धि होती है। इस बार प्रीति, आयुष्मान, रवि और सर्वार्थ सिद्धि योग फलदायी है। 
 

Magh purnima 2026 Preeti Ayushman Ravi and Sarvartha Siddhi Yoga considered auspicious and fruitful
माघ पूर्णिमा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सबसे पवित्र मास माघी पूर्णिमा पर सात साल बाद एक साथ सात योग और पुष्य नक्षत्र में श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाएंगे। प्रीति योग, आयुष्मान, रवि, पुष्य, सर्वार्थ सिद्धि, श्रीवत्स योग समेत सात उत्तम योग बने। स्नान-दान के लिए श्रद्धालुओं को करीब 16 घंटे तक मिल रहे हैं। इस मास में स्नान-दान, भगवान श्रीहरि विष्णु के पूजन अर्चन और कथा श्रवण करने से श्रद्धालुओं को करोड़ों गुना पुण्यफल मिलेंगे। पूर्णिमा का स्नान एक फरवरी को होगा। काशी में सभी घाटों पर स्नान के लिए पूर्वांचल के अलावा अन्य प्रांतों से श्रद्धालु आएंगे।

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पुराणों और बाल्मीकि रामायण में माघ पूर्णिमा का वर्णन हैं। इस मास में व्रत, स्नान-दान, नारायण के पूजन और कल्पवास का विधान है। सत्युग से कलयुग तक सभी युगों में माघ मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस मास में श्रीहरि जल में निवास करते हैं। माघ पूर्णिमा के दिन देवलोक से देवता भी पृथ्वी पर आकर पवित्र नदियों और संगम में स्नान करते हैं। इस दिन चन्द्रमा पूर्ण अवस्था में होता है। 
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मान्यता है कि सूर्योदय के समय स्नान करने से रोग और पाप दोनों से मुक्ति मिलती है। जो पूरे माघ महीने में स्नान नहीं कर पाते हैं, वह पूर्णिमा तिथि को स्वच्छ जल, सरोवर या गंगा स्नान कर सूर्यदेव को जल अर्पित कर लेते हैं तो उन्हें माघ स्नान का फल मिल जाता है। पूर्णिमा तिथि चन्द्रमा को अतिप्रिय है। पूर्णिमा तिथि के दिन चन्द्रमा की पूजा करने पर सुख-सौभाग्य और अभीष्ट योग रहता है। भगवान श्री सत्यनारायण भगवान की पूजा-अर्चना, व्रता एवं कथा का विधान है। 

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार माघ पूर्णिमा तिथि एक फरवरी को सुबह 05:19 बजे से अगले दिन दो को भोर में 03:46 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर माघ पूर्णिमा का स्नान एक को ही होगा। इस बार माघ पूर्णिमा खास है, क्योंकि दिन रविवार पड़ रहा है। रविवार सूर्यदेव का दिन है। शास्त्रों में सूर्यदेव को उत्तरायण को देवताओं का काल बताया गया है।

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स्नान-दान के 3 शुभ मुहूर्त
माघी पूर्णिमा स्नान के लिए तीन शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:24 से सुबह 06:17 बजे तक, रवि पुष्य योग सुबह 07:09 से रात 11:58 बजे तक, मीन लग्न मुहूर्त सुबह 8:47 से 10:15 बजे तक है।

जरूरतमंदों में करें गुड़, तिल, घी कम्बल दान

माघ पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी, सरोवर या तीर्थ स्थल पर जाकर स्नान करें। यदि नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। व्रत का संकल्प लें और विधिवत पूजा आरंभ करें। भगवान गणेश की आराधना कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। शाम को चंद्रदेव का पूजन करें। सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ करें। सामर्थ्य के अनुसार, गरीबों, जरूरतमंदों में दान-दक्षिणा, कम्बल, गुड़, तिल, घी, अन्न, खाद्य सामग्री दान करें।
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