Union Budget 2026: उद्योगों के लिए कवच बनेगा बजट, एआई स्टार्टअप्स पर होगा फोकस; काशी को खास उम्मीदें
Varanasi News: केंद्रीय बजट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लिए उम्मीदें कुछ ज्यादा ही खास हैं। माना जा रहा है कि सरकार इस बार कर के ढांचे में बदलाव कर सकती है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण विकास और अवस्थापना क्षेत्र में निवेश को बढ़ाना है।
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एक फरवरी को संसद में पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लिए उम्मीदें कुछ ज्यादा ही खास हैं। उद्योग जगत, व्यापारी वर्ग और आम जनता को भरोसा है कि इस बार वित्त मंत्री के पिटारे से काशी के कायाकल्प के लिए सौगातों की बारिश होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि विकास की नई इबारत लिखने वाला होगा, जिसमें जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू महिलाओं के कल्याण पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकार इस बार कर के ढांचे में बदलाव कर सकती है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण विकास और अवस्थापना क्षेत्र में निवेश को बढ़ाना है।
डीएवी पीजी कॉलेज के अर्थशास्त्री प्रो. अनूप मिश्रा के मुताबिक, बजट से ठीक पहले जारी हुए आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत दे रहे हैं। देश की विकास दर 7.0 से 7.4 प्रतिशत के बीच बनी हुई है। इस बार का बजट पूरी तरह से रोजगार उन्मुख होगा। पैसा सिस्टम में आएगा, जिससे हर सेक्टर में नौकरियों का सृजन होगा। विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र पर सरकार का जोर रहेगा। कृषि, सूक्ष्म और लघु उद्योगों में निवेश के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मध्यम वर्ग को राहत, उच्च वर्ग पर बढ़ सकता है दबाव
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उद्योगों के लिए ''संजीवनी'' और एमएसएमई पर होगा फोकस
आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी के मुताबिक, ट्रंप टैरिफ और ईयू ट्रेड समझौतों के मद्देनजर, भारतीय उद्योगों के लिए यह बजट महत्वपूर्ण है। पूर्वांचल के टेक्सटाइल और लेदर जैसे उद्योग, जो पिछले कुछ समय से अवसाद या मंदी के दौर से गुजर रहे थे, उन्हें प्रोत्साहन राशि या विशेष पैकेज मिलने की संभावना है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए नई और सरल नियमावली बनने की उम्मीद है। इससे नए उद्यमियों के लिए उद्योग लगाना आसान होगा और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। इसके अलावा, स्टार्टअप्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए भी बजट आवंटित किया जाएगा। पूर्वांचल निर्यातक संघ के अध्यक्ष रघु मेहरा के मुताबिक, इस बार के बजट में निर्यात और आयात के लिए नई रूपरेखा तैयार होगी। ट्रंप टैरिफ के बाद ठंडे पड़े उद्योगों के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं। ईयू ट्रेड इसको सबसे अच्छा उदाहरण है।
यह बजट एक आशावादी दृष्टिकोण के साथ पेश किया जाएगा, जिसका लक्ष्य हर सेक्टर में रोजगार का उदय और देश का सर्वांगीण विकास होगा। वाराणसी सहित पूरे देश में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए नई घोषणाएं संभव हैं। इसमें नई ट्रेनें, बस सेवाएं और नई एयरलाइंस शुरू करने की योजनाएं शामिल हो सकती हैं। साथ ही, बजट में सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए समाज के वंचित वर्गों के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं का एलान हो सकता है। - प्रो. अनूप मिश्रा, अर्थशास्त्री, डीएवी पीजी कॉलेज
