UP News: काली मंदिर ध्वस्तीकरण हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच, मृतक मजदूर के बेटे को नौकरी व 10 लाख की सहायता
Chandauli News: जिले के काली मंदिर ध्वस्तीकरण हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। जांच में सुरक्षा मानकों के पालन और संभावित लापरवाही की पड़ताल होगी। प्रशासन ने हादसे में मृत मजदूर के परिजन को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और उसके बेटे को नियमानुसार नौकरी देने की घोषणा की है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।
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UP News: पड़ाव-गोधना सिक्स लेन एवं फोर लेन सड़क परियोजना के तहत स्टेशन के सामने पुराने काली मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान हुए हादसे की जांच के लिए प्रशासन ने मजिस्ट्रेट स्तरीय समिति गठित कर दी है। समिति यह जांच करेगी कि कार्यदायी संस्था और ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार देर रात बुलडोजर से पुराने काली मंदिर को ध्वस्त किया जा रहा था। इसी दौरान मंदिर का विशाल गुंबद अचानक भरभराकर गिर पड़ा। गुंबद बुलडोजर से टकराने के बाद सड़क की दूसरी ओर जा गिरा और वहां खड़े कार्यदायी संस्था एप्को के मजदूर बलदेव यादव उर्फ झिगुरी (58) निवासी न्यू डांडी उसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक अन्य युवक भी घायल हो गया। गंभीर रूप से घायल बलदेव को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, गठित मजिस्ट्रेटी समिति हादसे के सभी पहलुओं की जांच करेगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच टीम गठित कर दी गई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि पुराने काली मंदिर को ध्वस्त करने से पहले मां काली की प्रतिमा को विधि-विधान के साथ सुभाष पार्क के पास नव निर्मित मंदिर में स्थापित किया जा चुका था। ध्वस्तीकरण के दौरान हुए हादसे में घायल मजदूर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके।
बेटे को नौकरी, परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता
अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था एप्को मृतक मजदूर के पुत्र को नौकरी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। साथ ही श्रम कानूनों एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत देय सभी लाभ भी नियमानुसार उपलब्ध कराए जाएंगे।