UP: एक लाख में किशोरी को बेचने, जबरन विवाह करने के मामले में पांच गिरफ्तार; एक कॉल से हुआ मामले का खुलासा
Varanasi News: एक किशोरी को एक लाख रुपये में बेचकर जबरन विवाह कराने वाले मानव तस्करी गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। बुलंदशहर से पीड़िता को सकुशल बरामद कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एक फोन कॉल से मामले का खुलासा हुआ। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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Varanasi Crime: किशोरी का अपहरण कर जबरन विवाह के लिए एक लाख रुपये में बेचने वाले मानव तस्करी गिरोह का चौबेपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया। दंपती समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने गोपालपुर गांव से गिरफ्तार किया। बुलंदशहर से पीड़िता की एक कॉल के बाद पूरे गिरोह को पकड़ा गया। सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं, पुलिस ने किशोरी को बुलंदशहर से बरामद कर लिया।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गोपालपुर कमौली निवासी शिवचंदी, उसकी पत्नी मैना देवी, राहुल भारद्वाज, बुलंदशहर के खुर्जा कोतवाली देहात क्षेत्र के धराऊ निवासी मोहित तथा मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र के बदनपुर खंड मरकटी निवासी नेम सिंह शामिल हैं।
5 जुलाई को पीड़ित ने चौबेपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसकी करीब 17 वर्षीय भतीजी का अपहरण कर लिया और उसे एक लाख रुपये में बेचकर जबरन विवाह करा दिया। इस बीच किशोरी ने किसी तरह बुलंदशहर से अपने चाचा को फोन कर आपबीती बताई। एडीसीपी लिपि नागायच ने बताया कि कमौली निवासी शिवचंदी, उसकी पत्नी मैना देवी और बिचौलिया राहुल भारद्वाज ने किशोरी का अपहरण किया।
राहुल मैना देवी को अपनी चाची बताकर किशोरी को अपने साथ ले गया। इसके बाद दो दिन तक उसने किशोरी को अपने पास रखा। इस दौरान किशोरी को यह याद नहीं रहा कि वह राहुल से कैसे मिली। इसके बाद उसे कानपुर, अलीगढ़ और मथुरा होते हुए बुलंदशहर ले जाया गया, जहां 27 जून को मोहित से उसकी शादी करा दी गई। किशोरी को यह जानकारी नहीं थी कि उसे एक लाख रुपये में बेच दिया गया है।
किशोरी ने कहा, मेरे पति को छोड़ दिया जाए : पति मोहित को छोड़ने के लिए किशोरी ने पुलिस से गुहार लगाई। उसने कहा कि उसके पति ने उसके साथ गलत व्यवहार नहीं किया है, इसलिए उन्हें छोड़ दिया जाए। हालांकि, नाबालिग से विवाह, पॉक्सो अधिनियम और अपहरण समेत अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे के चलते पुलिस ने राहत नहीं दी।
लापरवाही बरतने पर चिरईगांव चौकी प्रभारी निलंबित
महिला संबंधी गंभीर अपराधों में कार्रवाई न करने और अपने दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आरोप में चिरईगांव चौकी प्रभारी महेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। चौबेपुर थाना के चौकी चिरईगांव क्षेत्र में एक आवेदक ने अपनी भतीजी की गुमशुदगी की सूचना चौकी पर दी थी।
आरोप है कि प्रार्थना-पत्र मिलने के बाद भी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही गुमशुदा की तलाश के लिए कोई ठोस या सार्थक प्रयास किए। पूरे मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ ने की। 11 जुलाई 2026 को सौंपी गई जांच में चौकी प्रभारी को दोषी पाया गया।
आशंका है कि ये लोग पहले भी किशोरियों का अपहरण कर उन्हें बेचने जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं। जांच में सामने आया है कि बुलंदशहर के मोहित ने 50 हजार रुपये राहुल के खाते में भेजे थे, जबकि 50 हजार रुपये नकद शिवचंदी और मैना देवी को मिले थे। - प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा