UP: IMS BHU में किया 39 नर्सिंग ऑफिसरों का डिमोशन, सूची जारी होने के बाद उठे सवाल; निदेशक ने दिया जवाब
Varanasi News: आईएमएस-बीएचयू में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर बने 39 कर्मचारियों को संशोधित पदोन्नति सूची में फिर नर्सिंग ऑफिसर बना दिया गया। प्रभावित कर्मचारियों ने बिना कारण डिमोशन का आरोप लगाते हुए कुलपति समेत अधिकारियों से शिकायत की है। निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि प्रत्यावेदन मिलने पर नियमानुसार मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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IMS BHU Varanasi: आईएमएस-बीएचयू में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर से 39 लोगों का डिमोशन कर दिया गया है। इसके बाद नर्सिंग ऑफिसरों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बिना कोई कारण बताए डिमोशन कर दिया गया। उन्होंने इसकी शिकायत कुलपति, कुलसचिव समेत अन्य अधिकारियों से की है।
बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसरों के प्रमोशन की सूची 3 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी की गई थी। इसमें 195 लोगों को नर्सिंग ऑफिसर से सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पद पर पदोन्नत किया गया था। इसके बाद कुछ नर्सिंग ऑफिसरों ने पदोन्नति प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए एससी-एसटी आयोग में शिकायत की। शिकायत के बाद आयोग ने बीएचयू को आदेश जारी कर आरक्षण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 27 मई 2026 को पदोन्नति समिति की दोबारा बैठक की। बैठक के बाद 22 जून को संशोधित पदोन्नति सूची जारी की गई। इसमें पहले पदोन्नत किए गए सामान्य और ओबीसी वर्ग के 39 नर्सिंग ऑफिसरों का प्रमोशन निरस्त कर उन्हें पूर्व पद पर भेज दिया गया। संशोधित सूची से प्रभावित नर्सिंग ऑफिसरों ने कुलपति, कुलसचिव और चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर बिना किसी पूर्व सूचना के डिमोशन किए जाने को नियमविरुद्ध बताया है।
उनका कहना है कि 22 जून को जारी आदेश में भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के स्थापित नियमों और वैधानिक रोस्टर प्रणाली की अनदेखी की गई है। उन्होंने मांग की है कि जब तक इस पूरी प्रक्रिया की किसी उच्चस्तरीय निष्पक्ष समिति से जांच नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान पदोन्नति सूची के क्रियान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
नर्सिंग ऑफिसरों के प्रमोशन की पूरी प्रक्रिया विश्वविद्यालय के नियमानुसार की जाती है। किसका प्रमोशन हुआ है और कितने लोगों का डिमोशन किया गया है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। यदि इस मामले में नर्सिंग ऑफिसरों की ओर से कोई प्रत्यावेदन मिलता है, तो अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से बात कर नियमानुसार जो भी उचित होगा, वह कार्रवाई की जाएगी। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू