वाराणसी : महाश्मशान मणिकर्णिका का स्वरूप हुआ आधुनिक, शवदाह के लिए 12 प्लेटफार्म तैयार
एक बार में दो प्लेटफार्म पर 12 चिताएं एक साथ जल सकेंगी। वहीं बाकी एक प्लेटफार्म का निर्माण भी जल्द ही पूरा हो जाएगा।
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वाराणसी में महाश्मशान मणिकर्णिका का स्वरूप पूरी तरह से आधुनिक हो चुका है। नदी के किनारे शवदाह के लिए बनाए गए प्लेटफार्म पर ही शवदाह किए जाएंगे। मणिकर्णिका घाट पर दो प्लेटफार्मों पर 12 चिता के तख्ते शवदाह के लिए तैयार हैं। श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद ने बुधवार को इसे नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया।
अब इसका संचालन नगर निगम करेगा। श्री काशी विश्वनाथ धाम योजना के तहत ही मणिकर्णिका घाट का भी सुंदरीकरण किया जा रहा है। एक ओर महादेव के धाम का काम अंतिम चरण में चल रहा है, वहीं दूसरी ओर मणिकर्णिका पर शवदाह प्लेटफार्म का काम भी पूरा हो चुका है।
मणिकर्णिका श्मशान घाट पर विस्तारित प्लेटफार्मों की रिटेनिंग दीवारों के निर्माण सहित सिविल कार्य पिछले वर्ष ही आरंभ कर दिया था। यहां पर दाह संस्कार के लिए कई बार लंबी कतारें लग जाती हैं लेकिन नई सुविधाओं के शुरू हो जाने के बाद शवदाह यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी।
12 चिताएं एक साथ जल सकेंगी
एक बार में दो प्लेटफार्म पर 12 चिताएं एक साथ जल सकेंगी। वहीं बाकी एक प्लेटफार्म का निर्माण भी जल्द ही पूरा हो जाएगा। गंगा तट के किनारे पारंपरिक रूप से शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए भी तीन प्लेटफार्मों पर छह-छह नए चिता फ्रेम का निर्माण किया जाना था। इसमें से दो प्लेटफार्म बनकर तैयार हो गए हैं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर शवदाह स्थल को हैंडओवर करने की बात कही है।