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UP: बहन-बहनोई ने मुखर्जी परिवार का शव लेने से किया इन्कार, 12 साल पहले टूट चुका था संबंध; अंतिम संस्कार आज

Fri, 14 Aug 2026 09:50 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Fri, 14 Aug 2026 09:50 AM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में पिता की मौत के बाद मां- बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस शवों को कब्जे में लेकर रिश्तेदारों की तलाश में जुटी थी। आखिरकार मृतक के प्रयागराज निवासी बहन और बहनोई से संपर्क हुआ, लेकिन उन्होंने शव लेने से इन्कार कर दिया।  

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Sister and brother-in-law refused to claim bodies of Mukherjee family in varanasi
मुखर्जी परिवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र से काशी आए विशाल की मौत, पत्नी जया और बेटे ईशान मुखर्जी के सुसाइड की गुत्थी लक्सा पुलिस ने सुलझा ली है। अत्यधिक कर्ज के दबाव में परिवार ने यह कदम उठाया। विशाल के प्रयागराज निवासी बहन और बहनोई से लक्सा पुलिस ने संपर्क किया है। हालांकि, बहन और बहनोई ने शव लेने से इन्कार कर दिया। उन्होंने 12 साल से संबंध नहीं होने का हवाला दिया। 72 घंटे पूरे होने पर शुक्रवार को पुलिस द्वारा तीनों शवों का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार होगा।

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प्रयागराज के कर्नलगंज निवासी बहन पृथा पांडेय और बहनोई भूपेंद्र पांडेय से लक्सा पुलिस ने बृहस्पतिवार को संपर्क किया। बहन ने पुलिस को फोन पर बताया कि भैया और भाभी से 12 साल पहले ही संबंध टूट चुका था।
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प्रयागराज के कर्नलगंज के मूल निवासी विशाल मुखर्जी 15 साल पहले सीमेंट फैक्ट्री में काम करने महाराष्ट्र गए थे और वहीं बस गए। माता पिता को भी साथ ले गए। पृथा ने बताया कि विशाल इकलौते भाई थे। मगर, उनसे कोई रिश्ता नहीं रह गया था। मुंबई जाने के बाद से कोई बातचीत नहीं होती थी।
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मालूम चला था कि भैया ने कर्ज ले रखा था। पिता के दोस्तों से भी पैसे उधार पर लिए थे। किसी को लौटाते नहीं थे। बेटे ईशान के दोस्तों से भी कर्ज ले रखे थे। गंभीर बीमारी में ज्यादा पैसा खर्च हुआ। भाभी की भी तबीयत ठीक नहीं रहती थी। उनका भी उपचार जारी था।

पृथा पांडेय ने बताया कि 2018 में पिता और 2022 में मां की मौत हुई थी। विशाल, उनकी पत्नी जया और बेटे ईशान से कोई मतलब नहीं रखता था। लक्सा थाना प्रभारी राजू कुमार ने बताया कि बहन और बहनोई ने दाह संस्कार में असमर्थता जताई है। ऐसे में 72 घंटे पूरे हो गए। सुबह माता-पिता और बेटे का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मणिकर्णिका घाट पर एक साथ तीनों का दाह संस्कार किया जाएगा। 

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परिजनों और रिश्तेदारों से भी पुलिस संपर्क करने के प्रयास में है। महाराष्ट्र की रायगढ़ पुलिस विशाल के करीबियों से संपर्क कर रही है। सात अगस्त को तीनों लक्सा थाना क्षेत्र के वाची गेस्ट हाउस में ठहरे थे। 9 अगस्त की रात विशाल की तबीयत खराब हुई और बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। 10 अगस्त की देर शाम होम स्टे में मां-बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। 

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