UP Politics: वाराणसी पहुंचे सांसद चंद्रशेखर, संत रविदास को किया नमन; बोले- पूरे देश में बेगमपुरा राज जल्द आएगा
Varanasi News: सीर गोवर्धन स्थित संत शिरोमण रविदास के मंदिर में दर्शन करने नगीना सांसद चंद्रशेखर रावण भी पहुंचे। इस दाैरान उन्होंने रैदासियों से मुलाकात की। मंदिर में लंगर का प्रसाद भी ग्रहण किया।
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सीरगोवर्धनपुर स्थित संत रविदास मंदिर में रविवार को नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद रावण पहुंचे। मंदिर पहुंचते ही उन्होंने संत रविदास को नमन किया और दर्शन-पूजन के बाद लंगर में प्रसाद ग्रहण किया। उनके आगमन पर समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि ये बहुत महत्वपूर्ण दिन है। एक साल से हमारे लोग इसका इंतजार करते हैं। प्रकाश पर्व पर लोग पहुंचे और संत रविदास का आशीर्वाद लें। पूरे देश में बेगमपुरा राज जल्द आएगा।
कहा कि संत रविदास का सपना पूरा जरूर होगा। कश्मीर से कन्याकुमारी तक सब प्रसन्न होंगे। गरीबी, बेबसी, लाचारी, बीमारी, अशिक्षा सभी समस्याएं हैं, इसका अपना इतिहास रहा है यह खत्म नहीं होंगी। कहा कि सरकार हमारा रेजिमेंट को जिस दिन बहाल करेगी कोई आंख उठाकर भी हमें नहीं देख पाएगा।
मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारा समाज का देश की आजादी और सुरक्षा में ऐतिहासिक योगदान रहा है, लेकिन आज वही समाज हाशिये पर धकेला जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को ब्रिटिश काल में गठित हमारे रेजीमेंट को तत्काल बहाल करना चाहिए।
सांसद ने कहा कि हमारा रेजीमेंट किसी एक समाज की मांग नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और इतिहास से जुड़े अधिकार का सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकारें दलितों के नाम पर राजनीति तो करती हैं, लेकिन अधिकार देने के समय पीछे हट जाती हैं। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर सरकार सच में सामाजिक न्याय की पक्षधर है तो उसे हमारे समाज के साथ न्याय करना होगा।
उन्होंने संत रविदास के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि संत रविदास ने समानता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया था, लेकिन आज उसी विचारधारा को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी दलित, पिछड़े और वंचित समाज की आवाज सड़क से संसद तक उठाती रहेगी।
इस दौरान उन्होंने समर्थकों से एकजुट रहने का आह्वान किया और कहा कि हक की लड़ाई शांतिपूर्ण लेकिन मजबूती से लड़ी जाएगी। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती रही और भीड़ के कारण कुछ देर तक मंदिर मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा।
