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नागरी प्रचारिणी सभा: तीन दिवसीय उत्सव में शब्द, समय और कला पर लगेंगी प्रदर्शनियां; साहित्यकारों को होगा जुटान

Sun, 12 Jul 2026 11:54 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 12 Jul 2026 11:54 AM IST
सार

Nagari Pracharini Sabha Varanasi: वाराणसी की नागरी प्रचारिणी सभा में 15 से तीन दिवसीय साहित्य, कला और संवाद उत्सव का आयोजन होगा। उत्सव के दौरान शब्द, समय और कला विषय पर तीन प्रदर्शनियां लगेंगी। कार्यक्रम में पं. साजन मिश्र और कश्यप बंधुओं की गायन प्रस्तुति भी होगी। आयोजन में साहित्यकार, कलाकार और संस्कृति प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

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Nagari Pracharini Sabha Exhibitions on words time and art held during festival literary figures gather
नागरी प्रचारिणी सभा वाराणसी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: नागरी प्रचारिणी सभा के 134वें स्थापना दिवस समारोह पर शब्द, समय और कला के संबंधों पर तीन प्रदर्शनियां लगेंगी। पहली प्रदर्शनी षडंग प्रदर्शनी कक्ष में लगाई जाएगी जिसका शीर्षक संशोधक, संवर्द्धक, संपादक है। 

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यह प्रदर्शनी मूर्धन्य संपादक और भाषा के अनुशासक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के संपादकीय कृतित्व पर हैं। इस प्रदर्शनी में प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, निराला, मैथिलीशरण गुप्त, बंग महिला राजेंद्र बाला घोष, चंद्रधर शर्मा गुलेरी और माधवराव सप्रे जैसे दिग्गज लेखकों की पांडुलिपियां होंगी। 
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दूसरी प्रदर्शनी का शीर्षक सभा प्रसंग है। यह प्रदर्शनी पिछले सवा सौ से ज्यादा वर्षों में सभा के इतिहास व उससे जुड़े व्यक्तित्वों के जीवन के प्रसंगों पर आधारित है। इसी तरह तीसरी प्रदर्शनी बीएचयू के भारत कला भवन और नागरीप्रचारिणी सभा के संयुक्त प्रयत्नों से लगेगी। इसका शीर्षक पावस है। यह प्रदर्शनी मेघों और वर्षा की विविध छवियों पर केंद्रित है। 

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सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने बताया कि काशी में साहित्य, संगीत, कला और संवाद के विराट उत्सव का आगाज 16 जुलाई को होगा। तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव में प्रदर्शनी, व्याख्यान, शास्त्रीय संगीत, कथक, दास्तानगोई, निर्गुण गायन जैसे विविध कार्यक्रम होंगे।

पद्मभूषण पं. साजन मिश्र और कश्यप बंधुओं के गायन के साथ ही प्रह्लाद सिंह टिपानिया के स्वरों में कबीरवाणी गूंजेगी। 400 देश के नामचीन साहित्यकारों, कलाकारों, विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के छात्रों, शोधार्थी और बुद्धजीवियों का जमावड़ा होगा।

समारोह का उद्घाटन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण, वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय और प्रो. कृपाशंकर चौबे करेंगे। 17 जुलाई को शाम पांच बजे से मुक्ताकाशीय मंच पर कमलेश किशोर सिंह ‘ताऊ’, आसिफ खां ‘खान चा’, कुलदीप मिश्र ‘सरदार’ और अतुल तिवारी युवाओं एवं छात्र-छात्राओं के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद डॉ. हिमांशु बाजपेयी और डॉ. प्रज्ञा ‘काशी और कबीर’ विषय पर दास्तानगोई करेंगे।

18 जुलाई को अंतिम दिन शाम पांच बजे से प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सुधीर मिश्र और अनुभव सिन्हा ‘सिनेमा और युवता’ विषय पर संवाद करेंगे। संगीत संध्या में सोहम गोराणे का स्वतंत्र तबला-वादन और प्रभाकर एवं दिवाकर कश्यप (कश्यप बंधु) का शास्त्रीय गायन होगा। अंतिम प्रस्तुति कबीरवाणी गायन के प्रख्यात कलाकार प्रह्लाद सिंह टिपानिया समूह के साथ निर्गुण गायन पेश करेंगे।

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